MPTET News: लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल द्वारा जारी एक पत्र और आयुक्त की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद प्रदेश के शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बन गई है। विभाग ने भोपाल संभाग के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से TET उत्तीर्ण सहायक शिक्षकों एवं प्राथमिक शिक्षकों का विस्तृत विवरण, विषयवार और संवर्गवार रिक्त पदों की जानकारी तथा प्रमाणित रिकॉर्ड मांगा है। इस पत्र के बाद शिक्षकों और शिक्षक संगठनों में आशंका है कि क्या अब पदोन्नति (Promotion) के लिए TET पास करना अनिवार्य कर दिया जाएगा।
MPTET News: मध्य प्रदेश में शिक्षकों की पदोन्नति (Promotion) को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल से जारी एक पत्र के बाद प्रदेशभर के शिक्षकों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या अब पदोन्नति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया जाएगा। हालांकि विभाग की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन पत्र सामने आने के बाद शिक्षकों और शिक्षक संगठनों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद जारी हुए निर्देश
जानकारी के अनुसार आयुक्त लोक शिक्षण की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Conference) के बाद संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण भोपाल ने मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 (Promotion Rules 2025) के तहत भोपाल संभाग के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने कार्यरत सहायक शिक्षकों और प्राथमिक शिक्षकों में से TET Qualified Teachers का विस्तृत विवरण मांगा है।
रिक्त पदों और टीईटी योग्य शिक्षकों का मांगा गया रिकॉर्ड
पत्र में जिला शिक्षा अधिकारियों से विषयवार (Subject-wise) और संवर्गवार (Category-wise) रिक्त पदों की जानकारी भी मांगी गई है। साथ ही अधिकारियों को यह प्रमाणित करने के निर्देश दिए गए हैं कि भेजी गई जानकारी विभागीय अभिलेखों के अनुसार सही और प्रमाणिक है। इसी बिंदु को लेकर शिक्षकों के बीच यह आशंका पैदा हुई है कि कहीं पदोन्नति की पात्रता को टीईटी से जोड़ने की तैयारी तो नहीं की जा रही।
शिक्षक संगठनों ने मांगी स्थिति स्पष्ट करने की मांग
शासकीय शिक्षक संगठन ने विभाग से जल्द स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि पदोन्नति प्रक्रिया (Promotion Process) में टीईटी को किसी प्रकार की अनिवार्य शर्त बनाया जा रहा है तो उसका कानूनी (Legal Basis) और प्रशासनिक आधार सार्वजनिक किया जाना चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि यह नियम किन-किन शिक्षक संवर्गों पर लागू होगा।
उपेंद्र कौशल बोले- भ्रम दूर करे विभाग
शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल का कहना है कि अलग-अलग जिलों में अलग-अलग प्रकार की जानकारी मांगे जाने से शिक्षकों में अनावश्यक भ्रम फैल रहा है। उन्होंने मांग की कि जब तक विभाग स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं करता, तब तक टीईटी के नाम पर अतिरिक्त जानकारी मांगने या पदोन्नति को लेकर किसी तरह की अटकलों से बचा जाए।
फिलहाल विभाग की ओर से नहीं आया आधिकारिक स्पष्टीकरण
लोक शिक्षण विभाग ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि टीईटी संबंधी जानकारी केवल विभागीय रिकॉर्ड (Administrative Record) तैयार करने के लिए मांगी गई है या भविष्य में इसे पदोन्नति की पात्रता (Eligibility) से भी जोड़ा जाएगा। ऐसे में प्रदेशभर के शिक्षक विभाग के आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहे हैं।

