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MP: एमपी कैबिनेट की विशेष बैठक में कई अहम विधेयकों पर फैसला संभव, मानसून सत्र में होंगे पेश

MP Cabinet Jagdishpur Meeting: जगदीशपुर में रविवार को होने वाली मध्य प्रदेश सरकार की विशेष कैबिनेट बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC), निजी विश्वविद्यालय, कोचिंग संस्थानों के नए नियम, फायर सेफ्टी, उद्योग और अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों पर फैसला लिया जा सकता है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इन सभी प्रस्तावों को आगामी मानसून सत्र में विधानसभा में पेश किए जाने की संभावना है।

MP Cabinet Jagdishpur Meeting: मध्य प्रदेश सरकार रविवार को जगदीशपुर में आयोजित होने वाली विशेष कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर फैसला ले सकती है। (MP Cabinet Meeting) इन प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद आगामी मानसून सत्र में विधानसभा में पेश किया जाएगा। इनमें समान नागरिक संहिता (UCC), निजी विश्वविद्यालय, कोचिंग संस्थानों के नए नियम, फायर सेफ्टी कानून, औद्योगिक निवेश, श्रम कानूनों में बदलाव और कई अन्य संशोधन विधेयक शामिल हैं।

निजी विश्वविद्यालय खोलने के नियम होंगे आसान

राज्य सरकार निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़े नियमों को सरल बनाने की तैयारी में है। प्रस्तावित संशोधन के तहत विश्वविद्यालय खोलने के लिए 25 एकड़ भूमि और 5 करोड़ रुपये के एंडोमेंट फंड की अनिवार्यता समाप्त की जा सकती है।

वर्तमान नियमों के अनुसार किसी भी संस्था को निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए सोसायटी पंजीयन अधिनियम, 1860 की धारा-8 के तहत पंजीकरण कराना होता है। इसके अलावा विवादमुक्त भूमि और एंडोमेंट फंड की शर्त पूरी करना जरूरी है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद विधानसभा से अलग विधेयक पारित होने और राज्यपाल की मंजूरी मिलने पर ही विश्वविद्यालय की स्थापना संभव होती है। सरकार का मानना है कि इन शर्तों में ढील मिलने से निजी निवेश बढ़ेगा और प्रदेश में मल्टीस्टोरी प्राइवेट यूनिवर्सिटी (Private University) स्थापित करने का रास्ता आसान होगा।

कोचिंग संस्थानों पर सख्त नियम लागू करने की तैयारी

सरकार निजी कोचिंग संस्थानों के लिए नया नियामक ढांचा लागू करने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार सभी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसके अलावा 16 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों को कोचिंग में प्रवेश देने पर रोक लगाने का प्रस्ताव है। यानी सामान्य तौर पर 11वीं कक्षा से पहले प्रवेश नहीं दिया जा सकेगा। नए नियमों में भ्रामक विज्ञापनों (Misleading Advertisement) पर कार्रवाई, पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले विद्यार्थियों को निर्धारित समय में अनुपातिक फीस वापसी (Fee Refund) और नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है।

फायर सेफ्टी कानून होगा और कड़ा

कैबिनेट में मध्य प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक, 2026 (Fire Safety Bill) पर भी फैसला हो सकता है। प्रस्ताव के मुताबिक 15 मीटर या उससे अधिक ऊंची इमारतों, 500 से ज्यादा छात्रों वाले स्कूलों, 15 या अधिक कमरों वाले होटलों, 50 से अधिक बेड वाले अस्पतालों, मॉल और बड़े व्यावसायिक परिसरों के लिए फायर एनओसी (Fire NOC) अनिवार्य होगी। इसके साथ ही नगरीय निकायों में प्रॉपर्टी टैक्स (Property Tax) के साथ फायर सेफ्टी टैक्स (Fire Safety Tax) लगाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़े दंड का भी प्रावधान किया जाएगा।

उद्योगों को सिंगल विंडो सिस्टम से मिलेगी मंजूरी

प्रदेश में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPIDC) के अंतर्गत ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सचिवालय (Ease of Doing Business) बनाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इस व्यवस्था के तहत उद्योगों को विभिन्न विभागों से मिलने वाली मंजूरियां सिंगल विंडो सिस्टम (Single Window System) के माध्यम से एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे उद्योग लगाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और आसान होगी। साथ ही कुछ श्रेणी के उद्योगों के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Pollution Control Board – PCB) की पूर्व अनुमति की अनिवार्यता समाप्त करने पर भी विचार किया जा रहा है।

श्रम कानूनों में होंगे बड़े बदलाव

राज्य सरकार केंद्र की नई लेबर कोड (Labour Codes) के अनुरूप प्रदेश के छह पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर एकीकृत कानून लागू करने की तैयारी में है। प्रस्ताव के अनुसार थिएटर, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24×7 संचालन, तीन शिफ्ट में काम और नए प्रतिष्ठानों के पंजीयन में इंस्पेक्टर सत्यापन की अनिवार्यता समाप्त करने जैसे बदलाव किए जा सकते हैं।

इन संशोधन विधेयकों पर भी लग सकती है मुहर

क्या रहेगा खास?

जगदीशपुर में होने वाली यह विशेष कैबिनेट बैठक प्रदेश सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि सभी प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो शिक्षा, उद्योग, निवेश, शहरी सुरक्षा, श्रम व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई बड़े बदलाव आगामी मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश किए जाएंगे।

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