MP Rajya Sabha Elections 2026: मध्य प्रदेश में भाजपा द्वारा घोषित राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने नाराजगी जताई है। समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा ने भाजपा पर ब्राह्मण समाज की लगातार उपेक्षा और राजनीतिक हाशिए पर धकेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने ब्राह्मण-वैश्य समन्वय की अपनी पुरानी छवि को तिलांजलि दे दी है। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी, प्रभात झा समेत कई वरिष्ठ ब्राह्मण नेताओं की विरासत का हवाला देते हुए पूछा कि पिछले एक दशक से डॉ. नरोत्तम मिश्रा, अनूप मिश्रा जैसे अनुभवी नेताओं को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व क्यों नहीं दिया जा रहा। समाज ने भाजपा से स्पष्ट रुख अपनाने और ब्राह्मण समुदाय के घटते राजनीतिक प्रतिनिधित्व को सुधारने की मांग की है।
MP Rajya Sabha Elections 2026: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में भाजपा द्वारा घोषित राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज (Akhil Bharatiya Brahmin Samaj) ने खुलकर नाराजगी जताई है। समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा ने इसे ब्राह्मण समाज के प्रति लगातार हो रही उपेक्षा का प्रतीक बताया है।
ब्राह्मण समाज की भूमिका की याद दिलाई
पुष्पेंद्र मिश्रा ने कहा कि जनसंघ के समय से लेकर भाजपा के गठन और विस्तार में ब्राह्मण समाज ने अहम भूमिका निभाई है। लेकिन आज उसी समाज को पार्टी राजनीतिक रूप से नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब ब्राह्मण समाज को हाशिए पर धकेलने की नीति पर चल रही है।
पिछले एक दशक से प्रतिनिधित्व नहीं
मिश्रा ने सवाल उठाया कि आखिर पिछले दस वर्षों से मध्य प्रदेश में ब्राह्मण समाज को राज्यसभा (Rajya Sabha) में प्रतिनिधित्व देने के योग्य क्यों नहीं माना जा रहा है। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी, लक्ष्मी नारायण शर्मा, रघुनंदन शर्मा, प्रभात झा और शिवप्रताप चिंपुरिया जैसी ब्राह्मण नेतृत्व की समृद्ध परंपरा का हवाला दिया।
अनुभवी नेताओं की अनदेखी पर सवाल
समाज के अध्यक्ष ने कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा, अनूप मिश्रा और सुरेश पचौरी जैसे वरिष्ठ एवं अनुभवी नेताओं को राज्यसभा के लिए उपयुक्त नहीं समझा जाना आश्चर्यजनक है। उन्होंने भाजपा के उच्च नेतृत्व से इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब मांगा है।
ब्राह्मण-वैश्य समन्वय की छवि पर सवाल
पुष्पेंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा, जिसे पहले ब्राह्मण-वैश्य समन्वय की पार्टी माना जाता था, अब ब्राह्मण समाज को सिर्फ वोट बैंक और संगठनात्मक काम तक सीमित कर दिया गया है। सम्मान और उचित प्रतिनिधित्व के मामले में उसे पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
स्पष्ट रुख की मांग
अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने भाजपा से मांग की है कि वह प्रदेश में ब्राह्मण समाज के घटते राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर अपना स्पष्ट रुख बताए और भविष्य में इस असंतुलन को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए। मिश्रा ने कहा कि ब्राह्मण समाज ने हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है, लेकिन किसी भी समाज की लगातार उपेक्षा लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।

