MP Politics : ‘औकात में रहो..’ विधानसभा में क्यों आगबबूला हुए कैलाश विजयवर्गीय, अध्यक्ष बोले- सदन की परंपरा टूट गई

MP Politics : मध्य प्रदेश की विधानसाभा में हंगामा देखने को मिला। विधानसभा बजट सत्र के दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विवादित बयान के बाद सियासी तमाशा बन गया। कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष से कह दिया कि ‘औकात में रहो’। उनके इस बयान के बाद विपक्षी दल वेल में घुस गए और करीब 40 मिनट तक हंगामा किया।

मध्य प्रदेश विधानसभा में हंगामा

गुरुवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्षी विधायकों ने मोहन यादव सरकार को भागीरथपुरा मौत कांड और लाड़ली बहना योजना के मामले पर घेरने की कोशिश की। इस दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय विपक्षी विधायकों पर भड़क उठे और नेता प्रतिपक्ष सिंघार को अपशब्द कह डाले। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष से कहा-
‘औकात में रहो..’। इसके बाद विधानसभा में विवाद इतना बढ़ गया कि सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित कर दी गई।

विवादित बयान पर विजयवर्गीय ने मांगी माफी

विधानसभा में विवाद बढ़ने के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने व्यवहार के लिए माफी मांग ली। उन्होंने कहा, “मैं उमंग को प्यार करता हूं… मैं अपने व्यवहार से दुखी हूं।” इस बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी विवाद को संभालने की कोशिश की और कहा, “अगर कोई अनजाने में मंत्री विजयवर्गीय से कोई अप्शब्द निकल गया हो तो मैं माफी मांगता हूं।”

आज सदन की परंपरा टूट गई है- विधानसभा अध्यक्ष

बता दें कि कैलाश विजयवर्गीय के विवादित बयान पर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने भी अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि आज सदन की परंपरा को आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा, “गुस्सा आना स्वाभाविक है, लेकिन आज सीमा टूट गई। पक्ष और विपक्ष दोनों जिम्मेदार हैं।”

विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने इस मामले में कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा की परंपरा गौरवशाली रही है, लेकिन इस बार की ये घटना ने असहज कर दिया है। उन्होंने कहा, “यह स्थिति चिंता का विषय है। संसदीय कार्य मंत्री का व्यवहार भी चिंता का विषय है।”

नेता प्रतिपक्ष ने कहा- सत्ता का मद बहुत बढ़ गया

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के माफी मांगने के बाद नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने भी अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वह हमेशा अपनी मर्यादा में रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विजयवर्गीय के शब्द केवल सिंघार या किसी एक नेता का नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की 7.5 करोड़ जनता का अपमान हैं। उन्होंने कहा, “सत्ता का मद इतना चढ़ गया है कि मंत्री जनता को कीड़े-मकोड़े समझने लगे हैं।”

यह भी पढ़े : Naravane Book Row : राहुल गांधी के सवाल करते ही सामने आए पूर्व सेना प्रमुख नरवणे, बता दिया किताब का सच

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *