Skill University Bhopal: भोपाल स्थित संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क को यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने युवाओं को प्रशिक्षण के बाद सीधे रोजगार से जोड़ने के लिए नए रोजगारोन्मुखी कोर्स तैयार करने और शुरू करने के निर्देश दिए।
Skill University Bhopal: मध्यप्रदेश सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने के बाद उन्हें तुरंत रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब प्रदेश में नए रोजगारोन्मुखी कोर्स तैयार किए जाएंगे, ताकि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को सीधे नौकरी मिल सके। इसके अलावा भोपाल स्थित संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क को पूर्ण यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने कहा कि कौशल प्रशिक्षण तभी सार्थक है, जब उससे युवाओं को तुरंत रोजगार उपलब्ध हो। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) में मध्यप्रदेश के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश इस योजना में देश में अग्रणी है और अधिक से अधिक युवाओं को इस योजना से जोड़ने तथा प्रशिक्षण के दायरे को और बढ़ाने पर जोर दिया गया।
आईटीआई ग्रेडिंग में प्रदेश का पांचवां स्थान
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर जारी आईटीआई ग्रेडिंग में मध्यप्रदेश पांचवें स्थान पर रहा है। प्रदेश की 47 शासकीय आईटीआई को 10 में से 9 प्लस ग्रेडिंग मिली है, जो गुणवत्ता शिक्षा का मजबूत संकेत है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में भी देशभर में सबसे अधिक नामांकन मध्यप्रदेश में दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ‘सीखो-कमाओ योजना’ के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं की संख्या दोगुनी करने के निर्देश दिए। उन्होंने डेयरी, कृषि और अन्य क्षेत्रों से युवाओं को जोड़कर नए रोजगार अवसर सृजित करने पर भी विशेष जोर दिया।
लाखों युवाओं को मिला लाभ
समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई कि प्रदेश में बड़ी संख्या में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार से जोड़ा गया है। ‘युवा संगम’ कार्यक्रम के तहत लाखों आवेदकों को लाभ पहुंचाया गया है, जबकि एक लाख से अधिक युवाओं ने स्वरोजगार शुरू किया है। भोपाल के संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में इस वर्ष हजारों युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में वर्तमान में 290 शासकीय और 644 निजी आईटीआई संचालित हैं। शासकीय आईटीआई में सीटों की संख्या बढ़ाकर 52 हजार से अधिक कर दी गई है, जिससे अधिक युवाओं को प्रशिक्षण मिल सकेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप डिजाइन किया जाए, ताकि युवाओं को बेहतर रोजगार मिले और प्रदेश की आर्थिक गतिविधियां तेज हों।
