MP Today Weather: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय तीन मानसूनी प्रणालियों के प्रभाव से अगले 48 घंटे तक बारिश का दौर तेज बना रहेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर और धार में अति भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। वहीं इंदौर और उज्जैन संभाग सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि लगातार बारिश के बावजूद प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
MP Today Weather: मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश में सक्रिय तीन अलग-अलग मानसूनी प्रणालियों (Monsoon Systems) के प्रभाव से अगले 48 घंटे तक विशेषकर पश्चिमी मध्य प्रदेश में तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए उज्जैन समेत 12 जिलों में भारी से अति भारी वर्षा (Heavy Rain Alert) का अलर्ट जारी किया है। वहीं इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी लगातार बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है।
इन जिलों में भारी और अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम केंद्र के अनुसार रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर और धार जिलों में अति भारी बारिश (Very Heavy Rain) हो सकती है। वहीं नीमच, आगर-मालवा, उज्जैन, देवास, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर और छिंदवाड़ा में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। मालवा और निमाड़ क्षेत्र (Malwa-Nimar Region) के इंदौर एवं उज्जैन संभाग में अगले दो दिनों तक मौसम बेहद सक्रिय रहने का अनुमान है।
इन जिलों में भी होगी अच्छी बारिश
मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, खंडवा, मंदसौर, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में भी बारिश (Rain Forecast) की संभावना जताई है।
अब तक सामान्य से कम हुई बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में अब तक औसतन 373.3 मिलीमीटर यानी 14.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। जबकि इस अवधि तक सामान्य तौर पर 438.3 मिलीमीटर यानी 17.2 इंच वर्षा होनी चाहिए थी। इस तरह देखा जाए तो मध्य प्रदेश में अब तक लगभग 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
सतपुड़ा बांध के खुले सात गेट
लगातार हो रही बारिश के कारण सारणी स्थित सतपुड़ा बांध का जलस्तर बढ़ गया है। इसके चलते मानसून सीजन में पहली बार बांध के सात गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा गया। दूसरी ओर पचमढ़ी में लगातार बारिश के बाद प्रसिद्ध बी फॉल (Bee Fall) का जलप्रवाह बढ़ने से बड़ी संख्या में पर्यटक वहां पहुंच रहे हैं।
47 जिलों में अब भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे
राज्य के 47 जिलों में अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं। हालांकि भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इनमें देवास जिला सबसे आगे है, जहां सामान्य से करीब 29 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है।
जून की कमी जुलाई में भी पूरी नहीं हो सकी
मौसम विभाग के अनुसार जून में कमजोर मानसून के बाद जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश हुई थी, जिससे बारिश का आंकड़ा सुधर गया था। लेकिन इसके बाद लगभग नौ दिनों तक तेज बारिश नहीं होने से कुल वर्षा फिर सामान्य स्तर से नीचे पहुंच गई। आमतौर पर जुलाई महीने में पूरे मानसून की करीब 40 प्रतिशत बारिश होती है। भोपाल में सामान्य वार्षिक वर्षा लगभग 39 इंच मानी जाती है, जिसमें करीब 14 इंच बारिश केवल जुलाई में होती है। वहीं जबलपुर में जुलाई के दौरान 17 इंच से अधिक वर्षा दर्ज होने का औसत है। पूरे मध्य प्रदेश में सामान्य वार्षिक वर्षा लगभग 37.3 इंच मानी जाती है, जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में औसत वार्षिक बारिश 38 से 39 इंच के बीच रहती है।

