MP Monsoon Update: मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) राज्य की सीमा तक पहुंच चुका है और परिस्थितियां तेजी से अनुकूल बन रही हैं। अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा के रास्ते प्रदेश में दस्तक दे सकता है। इसके साथ ही राज्यभर में प्री-मानसून गतिविधियां (Pre-Monsoon Activity) भी तेज हो गई हैं, जिससे कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू होने की संभावना है।
MP Monsoon Update: लंबे इंतजार के बाद मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) की एंट्री का काउंटडाउन शुरू हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मानसून प्रदेश की सीमा तक पहुंच चुका है और अगले दो से तीन दिनों के भीतर बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा के रास्ते राज्य में प्रवेश कर सकता है। मानसून के आगमन से पहले प्रदेशभर में प्री-मानसून गतिविधियां (Pre-Monsoon Activity) तेज हो गई हैं।
42 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने बुधवार को भोपाल समेत 42 जिलों में बारिश (Rain Alert), गरज-चमक (Thunderstorm) और तेज हवाओं (Strong Winds) की संभावना जताई है। जिन प्रमुख जिलों में अलर्ट जारी किया गया है उनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, देवास, शाजापुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर शामिल हैं।
जून में सामान्य से 53 फीसदी कम बारिश
मानसून की देरी का असर पूरे प्रदेश में दिखाई दे रहा है। एक जून से अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 78.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज होनी चाहिए थी, लेकिन वास्तविक वर्षा केवल 37.1 मिलीमीटर रही। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से 53 प्रतिशत कम बारिश (Rain Deficit) रिकॉर्ड की गई है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत 48 जिलों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है। इसका असर खरीफ फसलों (Kharif Crops) की बुवाई पर भी पड़ने लगा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सोयाबीन सहित अन्य खरीफ फसलों की बोनी के लिए खेतों में पर्याप्त नमी जरूरी है, जिसके लिए कम से कम चार इंच बारिश होना आवश्यक माना जाता है।
किसानों की चिंता बढ़ी, बुवाई प्रभावित
बारिश की कमी के कारण कई क्षेत्रों में किसान मानसून का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल भोपाल ऐसा जिला है जहां चार इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है। राजधानी में अब तक करीब पांच इंच वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से 63 प्रतिशत ज्यादा है। अच्छी बारिश के कारण यहां खेती की तैयारियां अन्य जिलों की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं।
पूर्वी मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा असर
कम बारिश का सबसे अधिक प्रभाव पूर्वी मध्य प्रदेश (Eastern Madhya Pradesh) में देखा गया है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसतन 72 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में औसतन 35 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के बाद इन क्षेत्रों में बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।
कई जिलों में प्री-मानसून बारिश, तापमान में गिरावट
मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून बारिश (Pre-Monsoon Rain) हुई। बालाघाट में सवा इंच और रायसेन में लगभग पौन इंच वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा धार, इंदौर, नर्मदापुरम, खरगोन, राजगढ़, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और बड़वानी सहित कई जिलों में बारिश हुई। बारिश और बादलों की वजह से तापमान (Temperature) में भी गिरावट दर्ज की गई। पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं भोपाल में 32.2 डिग्री, इंदौर में 33.9 डिग्री, उज्जैन में 34.8 डिग्री और जबलपुर में 35.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। दूसरी ओर दतिया और सीधी सबसे गर्म जिले रहे, जहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
नरसिंहपुर में हीटवेव का अलर्ट
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना के बीच नरसिंहपुर जिले के लिए हीटवेव (Heatwave Alert) जारी किया गया है। इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, अशोकनगर, श्योपुर, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन और आगर-मालवा में भी गर्मी का असर बने रहने की संभावना जताई गई है।
भोपाल बारिश में सबसे आगे
जहां प्रदेश के अधिकांश जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं राजधानी भोपाल इस सीजन में वर्षा के मामले में सबसे बेहतर स्थिति में है। यहां सामान्य से 63 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून की औपचारिक एंट्री (Monsoon Entry) के साथ पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेजी पकड़ेंगी, जिससे किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

