Abdullah Azam Relief : रामपुर पासपोर्ट केस में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के बेटे और पूर्व MLA अब्दुल्ला आजम को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अपील कोर्ट ने निचली अदालत की सात साल की सज़ा को पलट दिया है। शुक्रवार के फैसले के बाद SP कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जश्न मनाया। MP-MLA सेशन कोर्ट से सज़ा रद्द होने से अब्दुल्ला आजम को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, दूसरे मामलों में दोषी पाए जाने की वजह से जेल से रिहाई मुश्किल लग रही है। अब्दुल्ला ने कुछ मामलों में सज़ा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जो अभी भी वहां पेंडिंग है।
2019 में केस दर्ज हुआ था। Abdullah Azam Relief
यह केस 2019 में दर्ज हुआ था। BJP MLA आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में FIR दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग जन्मतिथि का इस्तेमाल करके दो पासपोर्ट बनवाए थे। शिकायत के मुताबिक, एक पासपोर्ट में जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 और दूसरे में 30 सितंबर 1990 दिखाई गई थी। आरोप है कि दोनों पासपोर्ट का इस्तेमाल विदेश यात्रा के लिए भी किया गया था। पुलिस जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट फाइल की गई और केस की सुनवाई MP-MLA स्पेशल कोर्ट में हुई। निचली अदालत ने अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराते हुए सात साल जेल की सजा सुनाई, जिसके खिलाफ उन्होंने अपील की थी। अपील कोर्ट ने अब उस फैसले को पलट दिया है।
दो पैन कार्ड केस में अभी राहत | Abdullah Azam Relief
हालांकि, आजम खान और अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड केस में अभी तक राहत नहीं मिली है। उनकी दोनों अपील पहले ही खारिज हो चुकी हैं। इसके बाद, राज्य सरकार ने सजा बढ़ाने की अपील की। सुनवाई के बाद, कोर्ट ने 23 मई को अपना फैसला सुनाया, जिसमें आजम खान की सजा बढ़ाकर 10 साल कर दी गई।कानूनी जानकारों का मानना है कि पासपोर्ट केस में राहत के बावजूद, पैन कार्ड केस में कानूनी चुनौती बनी हुई है। इस बीच, इस फैसले को रामपुर की राजनीति में एक बड़ा डेवलपमेंट माना जा रहा है, और आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक असर पर करीब से नजर रखी जाएगी।

