Liquor Ban in Religious Cities MP: मध्यप्रदेश में धार्मिक और पवित्र क्षेत्रों में शराब दुकानों को बंद (Liquor Ban in Religious Areas) किए जाने के बावजूद शराब ठेकों से मिलने वाला राजस्व बढ़ गया है। वर्ष 2025-26 में इन जिलों में शराब ठेकों की नीलामी राशि (Liquor Shop Auction) वर्ष 2024-25 की तुलना में औसतन करीब 19 प्रतिशत तक बढ़ गई है, जिससे यह स्पष्ट हुआ है कि नई नीलामी प्रक्रिया और दुकानों के पुनर्समायोजन के कारण ठेकों की बोली में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है।
Liquor Ban in Religious Cities MP: मध्यप्रदेश में धार्मिक और पवित्र क्षेत्रों में शराब बिक्री पर रोक (Liquor Ban in Religious Areas) लगाए जाने के बावजूद संबंधित जिलों में शराब ठेकों की लाइसेंस राशि में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2025-26 के लिए हुई नई नीलामी में कई जिलों में ठेकों की कीमत वर्ष 2024-25 की तुलना में औसतन करीब 19 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
राज्य सरकार ने प्रदेश के 19 नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों को पवित्र क्षेत्र (Sacred Areas Notification) घोषित करते हुए वहां शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी थी। इसके तहत इन क्षेत्रों में संचालित शराब दुकानों को बंद कर दिया गया था।
बंद दुकानों की लाइसेंस राशि पास की दुकानों में समायोजित
वाणिज्यिक कर विभाग (Commercial Tax Department MP) के अनुसार, बंद की गई शराब दुकानों की लाइसेंस राशि को संबंधित नगरीय निकाय और पंचायतों के आसपास संचालित दुकानों में समायोजित किया गया। इसके बाद वर्ष 2025-26 के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया (E-Tender Liquor Shop Auction) के माध्यम से शराब ठेकों की नई नीलामी कराई गई।
अधिकारियों का कहना है कि नई ई-टेंडर प्रणाली और दुकानों के पुनर्समायोजन के कारण बोली प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा बढ़ी, जिससे कई जिलों में ठेकों की वार्षिक लाइसेंस राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली।
प्रदेश के 19 क्षेत्र घोषित किए गए पवित्र
विभागीय जानकारी के अनुसार प्रदेश में कुल 13 नगरीय निकाय और 6 ग्रामीण निकाय क्षेत्रों को पवित्र क्षेत्र (Religious City Liquor Ban) घोषित किया गया है। इन सभी क्षेत्रों में शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है और पहले से संचालित दुकानों को बंद कर दिया गया है।
कई जिलों में बढ़ी लाइसेंस फीस
दुकानों के बंद होने के बावजूद संबंधित जिलों में शराब ठेकों की नीलामी (Liquor Shop Auction MP) के मूल्य में वृद्धि दर्ज की गई है। जिलावार आंकड़ों के अनुसार दतिया जिले में वर्ष 2025-26 में लाइसेंस राशि में 14.73 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी तरह बैतूल में 18.45 प्रतिशत, उज्जैन में 20.73 प्रतिशत, मंदसौर में 15.55 प्रतिशत, पन्ना में 28.13 प्रतिशत और सतना में 15.95 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अधिकारियों का कहना है कि दुकानों के पुनर्गठन और नई नीलामी प्रक्रिया (Liquor Policy MP 2025-26) के कारण ठेकों की बोली में प्रतिस्पर्धा बढ़ी, जिससे कुल लाइसेंस राशि में इजाफा हुआ है।

