MP: प्रदेश में 19 मार्च से शुरू होगा ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’

MP Jal Ganga Sanvardhan Abhiyan: मध्य प्रदेश में 19 मार्च से शुरू होगा जल गंगा संवर्धन अभियान-2026, जिसके तहत प्रदेशव्यापी स्तर पर जल संरक्षण, जल स्रोतों का पुनरुद्धार और जन-भागीदारी से जल-संस्कृति को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार यह अभियान नदियों, तालाबों, कुओं, बावड़ियों सहित सभी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार, वर्षा जल संचयन, भू-जल स्तर वृद्धि और पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने का लक्ष्य रखता है, ताकि जल की हर बूंद को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके।

MP Jal Ganga Sanvardhan Abhiyan: मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश में जल संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 की शुरुआत 19 मार्च से करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अभियान के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध जल-संस्कृति को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया है। उन्होंने जोर दिया कि जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है, जिसे भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है।

पारंपरिक और आधुनिक तरीकों का समन्वय

सीएम डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि अभियान में जल संरक्षण की पारंपरिक पद्धतियों के साथ-साथ नवीन तकनीकी नवाचारों को अपनाया जाए। प्रदेश के प्रत्येक जल स्रोत की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। इस वर्ष वर्षा जल की एक-एक बूंद का संचयन और संरक्षण ही मुख्य लक्ष्य होना चाहिए। साथ ही नदियों, तालाबों, बावड़ियों, कुओं और अन्य जल संरचनाओं का पुनरुद्धार मिशन मोड में किया जाए।

जन-भागीदारी से बनेगा जन-आंदोलन

मुख्यमंत्री ने अपील की है कि इस अभियान को जन-जन से जोड़कर इसे एक बड़े जन-आंदोलन का रूप दिया जाए। स्वयंसेवी संस्थाओं, युवाओं और आम नागरिकों से आगे आकर श्रमदान करने का आह्वान किया गया है। प्रत्येक जिले में जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता अभियान चलाया जाए और जल गुणवत्ता परीक्षण को प्राथमिकता दी जाए। जन-भागीदारी से ही जल संरक्षण का यह संकल्प साकार होगा।

अभियान की प्रमुख गतिविधियां

  • जल संरचनाओं का कायाकल्प और पुनरुद्धार
  • नवीन जल स्रोतों का निर्माण
  • भवनों पर रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना से भू-जल स्तर बढ़ाना
  • पुराने जल स्रोतों का संधारण और जीर्णोद्धार
  • जल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई और स्वच्छता
  • सोक पिट का निर्माण
  • पेयजल की नियमित टेस्टिंग और टंकियों की सफाई
  • पुराने तालाबों का गहरीकरण
  • स्टॉप डैम का संधारण एवं नवीन निर्माण
  • पेयजल पाइप लाइनों का रखरखाव और मरम्मत
  • जल स्रोतों के आसपास वृहद पौधरोपण
  • जल संरक्षण के लिए जन-जागरूकता और भागीदारी बढ़ाना

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