एमपी। डीजल-पेट्रोल अब हर आदमी की जरूरत में सुमार है, क्योकि आज हर आदमी वाहनों का उपयोग कर रहा है, लेकिन मध्यप्रदेश देश का ऐसा चौथा राज्य जंहा सबसे मंहगा डीजल-पेट्रोल खरीदने के लिए उपभोक्ता मजबूर है, दरअसल पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा यह जानकारी हाल ही में राज्यसभा पेश की गई है। 11 मार्च को पेश की गई जानकारी में यह पता चला है।
पड़ोसी राज्यों में 11 रुपए तक सस्ता पेट्रोल
मध्यप्रदेश में जिस दर से पेट्रोल-डीजल बिक रहा है, उसकी तुलना में पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश और गुजरात की राजधानियों में पेट्रोल का रेट तकरीबन 11 रुपए सस्ता मिल रहा है। एमपी की सीमा से लगा हुआ पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़ की राजधानी में 99.44 रुपए प्रति लीटर, महाराष्ट्र के मुंबई में 103.54 प्रति लीटर और राजस्थान में 104.72 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल मिल रहा है।
मंत्री ने दी ऐसी जानकारी
पेट्रोलियम की कीमतों को लेकर राज्यसभा में राज्यमंत्री सुरेश गोपी ने सदन को बताया कि पेट्रोल और डीजल की अंतिम बिक्री कीमतों में केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित उत्पाद शुल्क और संबंधित राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित वैट शामिल होता है। अलग-अलग राज्यों में वैट की दरों, स्थानीय शुल्कों और माल ढुलाई दरों में भिन्नता के कारण कीमतों में यह बड़ा अंतर दिखाई देता है
टला जीएसटी
पेट्रोलियम उत्पादों की आसमान छूती कीमतों के चलते इसे जीएसटी के दायरे में लाने की मांग उठती रही है, हांलाकि यह योजना फिलहाल टल गई है। सरकार का कहना है कि जीएसटी परिषद ने अपनी 45वीं बैठक में इस मामले पर विचार तो किया था, लेकिन इसे स्थगित कर दिया गया है।
