Site iconSite icon SHABD SANCHI

MP: स्वास्थ्य सुरक्षा में बड़ी छलांग, प्रदेश के 73.6% परिवार बीमा दायरे में, गांवों ने शहरों को छोड़ा पीछे

MP Health Insurance News: राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) की रिपोर्ट में सबसे उल्लेखनीय तथ्य यह सामने आया है कि स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) कवरेज के मामले में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों ने शहरी इलाकों को पीछे छोड़ दिया है। राज्य में स्वास्थ्य बीमा से जुड़ी आबादी का प्रतिशत 38.1% से बढ़कर 73.6% तक पहुंच गया है। जहां शहरी क्षेत्रों में 67.2% लोग स्वास्थ्य सुरक्षा (Health Coverage) के दायरे में हैं, वहीं ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा 76% दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Scheme) के प्रभावी क्रियान्वयन और कोरोना महामारी के बाद लोगों में बढ़ी स्वास्थ्य जागरूकता (Health Awareness) इस बदलाव की प्रमुख वजह हैं।

MP Health Insurance News: प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा (Health Security) के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) के ताजा आंकड़ों के अनुसार अब राज्य के लगभग तीन-चौथाई परिवार किसी न किसी स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) या वित्तीय सुरक्षा योजना (Financial Protection Scheme) के तहत कवर हो चुके हैं। यह बदलाव स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और सरकारी योजनाओं के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।

बीमा कवरेज में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

सर्वेक्षण के अनुसार प्रदेश में स्वास्थ्य बीमा का दायरा पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। एनएफएचएस-5 (NFHS-5) के दौरान जहां केवल 38.1 प्रतिशत परिवार किसी स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़े थे, वहीं एनएफएचएस-6 में यह आंकड़ा बढ़कर 73.6 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यानी स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में आने वाले परिवारों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों ने दिखाई बड़ी प्रगति

रिपोर्ट की सबसे अहम बात यह है कि स्वास्थ्य बीमा कवरेज (Insurance Coverage) के मामले में ग्रामीण क्षेत्रों ने शहरी इलाकों को पीछे छोड़ दिया है। आंकड़ों के अनुसार शहरों में 67.2 प्रतिशत लोग स्वास्थ्य बीमा से जुड़े हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 76 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसका मतलब है कि गांवों में रहने वाले हर 100 में से 76 लोगों के पास इलाज के लिए आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध है।

सरकारी योजनाओं का दिखा असर

विशेषज्ञों का मानना है कि इस उपलब्धि के पीछे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विशेष रूप से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (Ayushman Bharat PM-JAY) ने गरीब और ग्रामीण परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ने में अहम योगदान दिया है। इसके अलावा स्वास्थ्य जागरूकता (Health Awareness) में बढ़ोतरी और सरकारी अभियान भी इस बदलाव के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।

महंगे इलाज का बोझ हुआ कम

पहले गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ग्रामीण परिवारों को अक्सर कर्ज लेना पड़ता था या संपत्ति बेचने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब बड़ी संख्या में परिवार स्वास्थ्य बीमा योजनाओं से जुड़ चुके हैं, जिससे उन्हें अस्पतालों में मुफ्त या रियायती दरों पर उपचार (Medical Treatment) की सुविधा मिल रही है। इससे स्वास्थ्य संबंधी खर्चों का बोझ काफी हद तक कम हुआ है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक संकेत

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ता बीमा कवरेज (Health Coverage) न केवल लोगों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि समय पर इलाज कराने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है। आने वाले वर्षों में यह बदलाव प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

Exit mobile version