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मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारियों की सामाप्त किया 7 कैटेगरी, अब केवल ये कर्मचारी करेगे काम

मध्यप्रदेश सचिवालय भवन का दृश्य, जहां कर्मचारियों से जुड़े नए प्रशासनिक आदेश लागू किए गए हैं।

मध्यप्रदेश सरकार का कर्मचारियों को लेकर नया आदेश

भोपाल। मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने किया। बैठक में एमपी कैबिनेट ने कर्मचारियों को लेकर निणर्य लेते हुए अब कर्मचारियों की 7 कैटेगरी को सामाप्त कर दिया है। जिसमें दैनिक वेतन भोगी, कार्यभारित, स्थायीकर्मी सहित अन्य कर्मचारियों की 7 कैटेगरी सामाप्त की गई हैं। सरकार के निणर्य के अनुसार अब सिर्फ तीन कैटेगरी रहेंगी, इनमें नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारी मध्यप्रदेश में काम करेगे, हांलाकि आउट सोर्स कर्मचारी सरकार की एजेंसी के माध्यम से कार्यलयों के काम को पूरा कर रहे है। ऐसे में मध्यप्रदेश के अंदर अब नियमित और संविदा दो ही कर्मचारियों की कैटेगरी रह गई है।

उपमुख्यमंत्री ने दी जानकारी

कैबिनेट बैठक एवं लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि कर्मचारियों के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है. वित्त विभाग के प्रस्ताव पर प्रदेश के कर्मचारियों के पदों से संबंधित नियम दिशा-निर्देश जारी करने स्थाई और अस्थाई पदों का अंतर समाप्त करने के संबंध में चर्चा की गई और निणर्य लिया गया है। उन्होने बताया कि सभी विभागों की सहमति के बाद यह निर्णय लिया गया है। उन्होने बताया कि मेट्रों एवं सिचाई विभाग के लिए बजट आवाटन पर कैबिनेट ने अपनी सहमति देने सहित अन्य प्रमुख बिदुओं पर गहन चर्चा के बाद सरकार ने अपनी हरी झंडी दे दिया है।

एमपी कैबिनेट ने इन बिदुंओं पर लिया निणर्य

जल संसाधन विभाग में रिटायर्ड एसडीओ वीके रावत से देय पेंशन राशि की वसूली से संबंधित प्रस्ताव मंजूर।
सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में रिक्त पदों की पूर्ति एवं राज‌भवन में सेवानिवृत्त कर्मचारी को एक साल के लिए पुनः संविदा नियुक्ति देने तथा संजय सिंह चौहान अतिरिक्त राज्य शिष्टाचार अधिकारी को संविदा नियुक्ति दिए जाने को मंजूरी।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत डॉ राजेश गौर पूर्व डीन मेडिकल कालेज दतिया के विरुद्ध लोकायुक्त जांच प्रकरण में विभागीय जांच उपरांत पेंशन रोकने से संबंधित प्रस्ताव मंजूर।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत पूर्व सीईओ जनपद पंचायत राजनगर जिला छतरपुर बीके सिंह के रिटायरमेंट के बाद पेंशन वापस लेने को मंजूरी।
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना के सूचकांक एवं मानदंड निर्धारण पर चर्चा के दौरान योजना का सूचकांक दो से तीन किया गया है। इसके बाद 3810 कार्य 693.76 करोड़ रुपए की लागत से कराए जा सकेंगे।
खनिज साधन विभाग के प्रस्ताव पर संचालनालय की स्थापना और खनिजों के सर्वेक्षण की स्थापना जैसी खनिज योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा को मंजूरी।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अंतर्गत
लोक वित्त पोषित योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति एवं निरंतरता से जुड़े मुद्दे स्वीकृत किए गए।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को वर्ष 2026-27 से निरंतर जारी रखने पर निर्णय लिया गया। योजना पांच साल तक चलती रहेगी और इसके लिए 905.25 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। योजना में 50 हजार से 50 लाख तक लोन दिए जाने का प्रावधान है।
वन विभाग के प्रस्ताव पर वन विज्ञान केंद्र की स्थापना संबंधी नई योजना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 48 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं जो प्रदेश के छह जिलों में बनाए जाएंगे।
लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव पर रोहिणी प्रसाद गुप्ता और अन्य विरुद्ध एमपी सरकार के मामले में न्यायालयीन आदेशों के अनुपालन में कार्यभारित स्थापना में नियुक्तियों से संबंधित विषय को मंजूरी।
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के अंतर्गत सेवानिवृत्त उप संचालक जीएस चौहान को संविदा नियुक्ति दिए जाने और कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के प्रस्ताव पर सलामुद्दीन अंसारी सेवानिवृत्त सहायक संचालक से पेंशन वापसी के संबंध में निर्णय लिया गया।

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