MP Government News: मध्य प्रदेश सरकार ने मितव्ययता (Frugality) और संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत अब विभागीय सचिवों को प्रदेश के बाहर किसी भी शासकीय यात्रा (Official Tour) से पहले मुख्य सचिव की अनुमति लेना अनिवार्य होगा, जबकि अधीनस्थ अधिकारियों की बाहरी यात्राएं भी केवल अत्यावश्यक परिस्थितियों में ही स्वीकृत की जाएंगी। साथ ही बैठकों, कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Conferencing) को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार ऊर्जा संरक्षण (Energy Conservation), सौर ऊर्जा (Solar Energy), प्राकृतिक खेती (Natural Farming) और सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) को बढ़ावा देने के लिए राज्यभर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाएगी।
MP Government News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और ऊर्जा संरक्षण (Energy Conservation) पर दिए गए जोर के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने भी प्रशासनिक कार्यप्रणाली में मितव्ययता (Frugality) बढ़ाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य सरकारी खर्च में कमी लाना, संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
प्रदेश के बाहर यात्रा से पहले लेनी होगी अनुमति
सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब विभागीय सचिवों को राज्य के बाहर किसी भी शासकीय यात्रा (Official Tour) पर जाने से पहले मुख्य सचिव की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा अधिकारियों और कर्मचारियों की अनावश्यक यात्राओं पर भी नियंत्रण रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सरकारी संसाधनों और समय का बेहतर उपयोग किया जा सके।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों और जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि बैठकों, कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और सेमिनारों का आयोजन यथासंभव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Conferencing) के माध्यम से किया जाए। सरकार का मानना है कि डिजिटल माध्यम (Digital Governance) अपनाने से यात्रा व्यय कम होगा और प्रशासनिक कार्यों की गति भी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने पेश किया उदाहरण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही सरकारी खर्च में कटौती की दिशा में पहल कर चुके हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक काफिले (Official Convoy) में शामिल वाहनों की संख्या 13 से घटाकर 7 कर दी है। साथ ही काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) को भी शामिल किया गया है। सरकारी कार्यक्रमों में वाहनों के सीमित उपयोग संबंधी निर्देश पहले से प्रभावी हैं।
सार्वजनिक परिवहन और कार-पूलिंग को प्रोत्साहन
नई गाइडलाइन के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन (Public Transport), कार-पूलिंग (Car Pooling) और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा केंद्र सरकार से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए नई दिल्ली और मुंबई स्थित आवासीय आयुक्त कार्यालयों (Resident Commissioner Offices) की सेवाओं का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया गया है।
ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण पर विशेष ध्यान
राज्य सरकार ने प्राकृतिक खेती (Natural Farming) को बढ़ावा देने और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG Network) के विस्तार और उज्ज्वला योजना के अपात्र एवं डुप्लीकेट कनेक्शनों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया है। सरकार का लक्ष्य ऊर्जा दक्षता (Energy Efficiency) बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण (Environmental Protection) को मजबूत करना है।
पर्यावरण अनुकूल निर्माण सामग्री के उपयोग पर जोर
निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों को ग्रीन बिल्डिंग मैटेरियल (Eco-Friendly Construction Material) के उपयोग को बढ़ावा देने और उसके प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार चाहती है कि विकास कार्यों के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहे।
सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के निर्देश
सभी विभागों को प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना (PM Surya Ghar Yojana) के तहत लोगों को घरों की छतों पर सोलर पैनल (Solar Panels) लगाने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया है। इसके साथ ही जनसंपर्क विभाग “मेरा भारत-मेरा योगदान” (Public Awareness Campaign) जैसे अभियानों के माध्यम से ऊर्जा बचत, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग का संदेश लोगों तक पहुंचाएगा।
रणनीतिक खनिजों के उत्पादन पर रहेगा फोकस
खनिज साधन विभाग को लिथियम (Lithium), कोबाल्ट (Cobalt), रेयर अर्थ मिनरल्स (Rare Earth Minerals), कॉपर (Copper) और कोयला (Coal) जैसे रणनीतिक खनिजों की स्वीकृति और लीज प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का मानना है कि इन खनिजों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देकर आयात निर्भरता (Import Dependency) को कम किया जा सकता है और आत्मनिर्भरता को मजबूत किया जा सकता है।
प्रशासनिक सुधार के साथ संसाधनों की बचत पर जोर
नई गाइडलाइन के जरिए राज्य सरकार प्रशासनिक सुधार (Administrative Reforms), सरकारी खर्च में कटौती (Cost Optimization) और ऊर्जा संरक्षण को एक साथ आगे बढ़ाना चाहती है। सरकार का उद्देश्य सीमित संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित कर सुशासन (Good Governance) और सतत विकास (Sustainable Development) को बढ़ावा देना है।

