भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार अब सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों पर भर्ती की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि पहले से खाली पदों के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति के बाद खाली होने वाले पदों को भी भर्ती के दायरे में शामिल किया जाएगा।
इन पदों पर भर्ती के लिए मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की ओर से विज्ञापन जारी करने और भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। सरकार का कहना है कि कई विभागों में कर्मचारियों और अधिकारियों की कमी के कारण काम प्रभावित हो रहा है।
एक लाख पदों पर भर्ती का फैसला
सरकार ने दिसंबर 2025 में विभागों में खाली पड़े पदों पर भर्ती की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अलग-अलग विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी थी। विभागवार जानकारी सामने आने के बाद करीब एक लाख पदों पर भर्ती करने का फैसला लिया गया।
इन भर्तियों में ESB, MPPSC और एमपी ऑनलाइन के जरिए होने वाली भर्तियां शामिल हैं। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग में भी भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। एमपी ऑनलाइन के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 781 और आंगनबाड़ी सहायिका के 1767 पदों पर भर्ती की कार्रवाई की गई है। दोनों पदों को मिलाकर कुल 2548 पद हैं।
प्रमोशन के बाद अब खाली पदों पर भी नजर
मध्य प्रदेश में करीब 10 साल से रुकी अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया भी शुरू की गई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पहले चरण की विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया के बाद करीब एक लाख अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है।
पदोन्नति के बाद कई विभागों में नए पद खाली हुए हैं। अब सरकार इन पदों की भी जानकारी जुटा रही है। इसके बाद संबंधित विभागों को इन रिक्त पदों पर भर्ती शुरू करने के निर्देश दिए जाएंगे।
इसका मतलब यह है कि आने वाली भर्ती में सिर्फ पहले से खाली पद ही शामिल नहीं होंगे, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति के बाद खाली हुए पद भी शामिल किए जा सकते हैं।
कर्मचारी संगठन ने भर्ती लगातार जारी रखने की मांग की
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि सरकारी विभागों में खाली पदों को भरना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को केवल एक बार चलाने के बजाय इसे लगातार जारी रखा जाना चाहिए।
उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री की ओर से घोषणा होने के बाद कई बार विभागीय स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ने में देरी होती है। ऐसे में रिक्त पदों और कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं पर लगातार कार्रवाई की जरूरत है।

