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MP Transport News: 21 साल बाद सड़कों पर लौटेंगी सरकारी बसें, इंदौर से होगी नई परिवहन क्रांति की शुरुआत

MP Transport News: मध्यप्रदेश में करीब 21 साल बाद सरकारी बस सेवा की वापसी होने जा रही है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और PM ई-बस सेवा के तहत इसकी शुरुआत इंदौर से जुलाई-अगस्त 2026 में प्रस्तावित है। पहले चरण में इंदौर शहर में 150 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतरेंगी, जबकि प्रदेश के सात परिवहन क्षेत्रों में हजारों बसों के संचालन की योजना बनाई गई है। सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक सुविधाओं वाली बस सेवा और अधिक सुगम एवं सुरक्षित सफर का लाभ मिलेगा।

MP Transport News: मध्यप्रदेश के यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश में करीब 21 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद सरकारी बस सेवाएं फिर से शुरू होने जा रही हैं। राज्य सरकार ने नई परिवहन व्यवस्था के तहत जुलाई-अगस्त 2026 से इंदौर क्षेत्र में बस संचालन शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ई-बस सेवा (PM E-Bus Service) के तहत इंदौर शहर में 150 इलेक्ट्रिक बसों (Electric Buses) का संचालन भी प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री की बैठक में लिए गए अहम फैसले

1 जून को मंत्रालय में आयोजित मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की संचालक मंडल बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की नई सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था (Public Transport System) को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। बैठक में परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान प्रबंध संचालक मनीष सिंह ने आगामी परिवहन मॉडल (Transport Model) का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया।

सात परिवहन क्षेत्रों में बंटेगा मध्यप्रदेश

नई व्यवस्था के तहत प्रदेश को सात प्रमुख परिवहन क्षेत्रों (Regional Transport Zones) में विभाजित किया जाएगा। इनमें इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अलग-अलग सहायक कंपनियां बस संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगी, जबकि राज्य स्तरीय कंपनी संपूर्ण व्यवस्था का संचालन और निगरानी करेगी।

इंदौर से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा

सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा (Mukhyamantri Sugam Parivahan Seva) की शुरुआत सबसे पहले इंदौर से होगी। इंदौर संभाग के सभी जिलों तथा अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AICTSL) को इस योजना के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस योजना के तहत इंदौर को प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों से जोड़ने के लिए नई इंटरसिटी बस सेवाएं (Intercity Bus Service) शुरू की जाएंगी।

जुलाई से सड़कों पर उतरेंगी 150 इलेक्ट्रिक बसें

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत इंदौर शहर में जुलाई 2026 से 150 आधुनिक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रस्तावित है। सरकार का उद्देश्य शहर में पर्यावरण अनुकूल (Eco-Friendly Transport) और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। इन बसों के शुरू होने से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है।

620 मार्गों पर चलेंगी 2432 बसें

प्रदेश सरकार ने सातों क्षेत्रों में कुल 620 बस मार्गों (Bus Routes) की पहचान की है। इन मार्गों पर 2432 बसों का संचालन प्रस्तावित है। केवल इंदौर क्षेत्र में ही 121 इंटरसिटी मार्गों की पहचान की गई है, जहां 608 बसें संचालित की जाएंगी। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों के बीच संपर्क और मजबूत होगा।

शहरों से लेकर उपनगरों तक पहुंचेगी बस सेवा

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत केवल शहरों में ही नहीं, बल्कि आसपास के महत्वपूर्ण उपनगरीय क्षेत्रों (Suburban Areas) तक भी बस सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। इंदौर में 28 सिटी बस मार्ग चिन्हित किए गए हैं। यहां PM E-Bus Service की 150 बसों सहित कुल 784 बसों के संचालन की योजना तैयार की गई है।

चार राज्यों तक मिलेगी सीधी बस सुविधा

नई परिवहन व्यवस्था के तहत इंदौर से महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लिए अंतरराज्यीय बस सेवाएं (Inter-State Bus Service) भी शुरू की जाएंगी। इन राज्यों के लिए 101 मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जिन पर AICTSL द्वारा 276 बसों का संचालन किया जाएगा। इंटरसिटी, सिटी और अंतरराज्यीय सेवाओं को मिलाकर केवल इंदौर क्षेत्र में ही 250 मार्गों पर 1688 बसें चलेंगी।

पूरे प्रदेश में 1164 मार्गों पर 5206 बसों का लक्ष्य

राज्य सरकार की योजना के अनुसार सातों क्षेत्रों में कुल 1164 मार्गों पर 5206 बसों का संचालन किया जाएगा। इंदौर मॉडल की तर्ज पर अन्य छह क्षेत्रीय मुख्यालयों में भी चरणबद्ध तरीके से बस सेवाएं शुरू की जाएंगी।

निजी बस संचालकों पर नहीं पड़ेगा असर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई सरकारी बस सेवा शुरू होने से वर्तमान निजी बस ऑपरेटरों (Private Bus Operators) के हित प्रभावित नहीं होंगे। मोटरयान अधिनियम 1988 के प्रावधानों के तहत निजी बसों के मौजूदा परमिट और संचालन पहले की तरह जारी रहेंगे।

राज्य स्तरीय कंपनी और सात क्षेत्रीय कंपनियां होंगी गठित

नई परिवहन व्यवस्था के संचालन के लिए राज्य स्तर पर एक होल्डिंग कंपनी तथा सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों (Regional Transport Companies) का गठन किया जाएगा। इन संस्थाओं में आईटी एवं आईटीएमएस (IT & ITMS), प्लानिंग, अनुबंध, मानव संसाधन, अधोसंरचना, गुणवत्ता नियंत्रण और बिजनेस डेवलपमेंट जैसे विभाग कार्य करेंगे।

1190 नए पदों पर होगी भर्ती

प्रदेश सरकार ने परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 1190 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी है। इन पदों पर अगले चार वर्षों में चरणबद्ध तरीके से भर्ती की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया प्रतिनियुक्ति, संविदा और संविलयन के माध्यम से पूरी की जा सकेगी।

सुरक्षा और गुणवत्ता पर रहेगा विशेष फोकस

यात्रियों की सुरक्षा और सेवा गुणवत्ता (Passenger Safety & Quality Control) सुनिश्चित करने के लिए अलग से प्रवर्तन और गुणवत्ता विभाग बनाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर पुलिस एवं विशेष सशस्त्र बलों के अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं भी ली जा सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने दिए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बस मार्गों, यात्री सुविधाओं और संचालन व्यवस्था को व्यवस्थित और यात्रियों के अनुकूल बनाया जाए। उन्होंने सात प्रमुख शहरों में संचालित परिवहन कंपनियों की देनदारियों और वित्तीय व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक निर्णय शीघ्र लेने के निर्देश दिए।

प्रदेश को मिलेगी आधुनिक और बेहतर कनेक्टिविटी

सरकार का मानना है कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और PM E-Bus Service के लागू होने के बाद प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगी। इससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी (Better Connectivity), आधुनिक सुविधाएं (Modern Transport Facilities) और सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलेगा।

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