मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर एक बार फिर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। अप्रैल 2026 के बिल में 5.36 प्रतिशत का नया फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) लागू कर दिया गया है, जो 24 अप्रैल 2026 से 24 मई 2026 तक एक महीने की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा।
मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को अप्रैल 2026 के बिल में एक बार फिर अतिरिक्त बोझ झेलना पड़ेगा। मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) ने फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) की दर 5.36 प्रतिशत तय की है। यह अतिरिक्त शुल्क बिजली बिल के ऊर्जा शुल्क (Energy Charge) के साथ जोड़ा जाएगा। बिजली कंपनियों ने मात्र एक महीने पहले ही बिजली दरों में 4.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। उसके ऊपर अब यह नया सरचार्ज उपभोक्ताओं की जेब पर और बोझ बढ़ाएगा।
FPPAS की गणना और नियम
कंपनी के आदेश के मुताबिक, अप्रैल 2026 के लिए FPPAS की प्रारंभिक गणना 5.40 प्रतिशत निकली थी। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के नियमों के अनुसार, जब यह दर 5 प्रतिशत से अधिक होती है तो 5 प्रतिशत मूल रूप से लागू किया जाता है और शेष राशि का 90 प्रतिशत जोड़कर अंतिम दर तय की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत 5.36 प्रतिशत की दर तय की गई है।यह FPPAS 24 अप्रैल 2026 से 24 मई 2026 तक के एक महीने की अवधि के लिए लागू रहेगा। उपभोक्ताओं को अपने बिजली बिल में ऊर्जा शुल्क के साथ यह अतिरिक्त राशि चुकानी होगी।
सभी वितरण कंपनियों को निर्देश
MPPMCL ने पूर्व, मध्य और पश्चिम क्षेत्र की सभी बिजली वितरण कंपनियों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे इस सरचार्ज को उपभोक्ताओं के बिल में शामिल करें और इसकी पूरी जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी सार्वजनिक करें।नोट: अगले महीने के लिए FPPAS दर अलग से तय की जाएगी, जो उस समय की फ्यूल और पावर खरीद लागत पर निर्भर करेगी।
उपभोक्ताओं पर असर
इस फैसले से घरेलू (Domestic) और व्यावसायिक (Commercial) दोनों श्रेणी के उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में बढ़ोतरी होगी। पहले से महंगाई के दबाव में सांस ले रहे आम उपभोक्ताओं पर यह अतिरिक्त शुल्क आर्थिक बोझ और बढ़ा देगा। विशेषज्ञों का कहना है कि फ्यूल की बढ़ती कीमतों और पावर परचेज लागत के कारण ऐसे एडजस्टमेंट सरचार्ज समय-समय पर लगते रहते हैं, लेकिन लगातार बढ़ोतरी उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गई है।

