एमपी में 3 जनवरी से कड़ाके की ठंड, छाएगा कोहरा, चलेगी शीतलहर, इन क्षेत्रों में जारी किया गया अलर्ट

People warming by fire amid dense fog and cold wave conditions in Madhya Pradesh

एमपी वेदर न्यूज। मध्यप्रदेश एवं प्रदेश के उत्तर क्षेत्र में एक बार फिर मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे है। मौसम विभाग ने 3 जनवरी से घना कोहरा, शीतलहर और कड़ाके की ठंड पड़ने की चेतावनी दी है। जिससे प्रदेश का उत्तरी हिस्सा घना कोहरे से ढ़क सकता है। 16 जिलों में सुबह से धुंध छाई रहेगी और बादलो का भी रूख नजर आएगा। ज्ञात हो कि एमपी का शहडोल जिले का कल्याणपुर और प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा है। यहां का तापमान प्रदेश में सबसे कंम रिकार्ड किया जा रहा है, हांलाकि अगर जनवरी माह के मौसम की बात की जाए तो इस महीने मौसम खराब रहता है। मवाठे की बारिश, कोहरा, ओस के चलते ठंड का असर तेज होता है।

3 से 5 जनवरी तक ठंड का अलर्ट

एमपी में राहत की ठंड के बीच मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 3, 4 और 5 जनवरी को ग्वालियर-चंबल संभाग और विंध्य क्षेत्र में एक बार फिर ठंड अपने चरम होगी। मौसम विभाग ने मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में घना कोहरा का संकेत दिया है। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान में गिरावट से ठंड का असर भी तेज होगा।

जनवरी में ठंड से नही मिलेगी राहत

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जनवरी में तेज ठंड से राहत नही मिलने वाली है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रदेश में माइनस लेवल की ठंड की स्थिति बन चुकी है, ऐसे में आने वाले दिनों में शीतलहर, कोल्ड डे और घना कोहरा आम रहेगा। ज्ञात हो कि इस साल ठंड कई वर्षाे का रिर्काड तोड़ रही है। नवंबर-दिसंबर के बाद अब जनवरी में भी ठंड का जोरदार असर रहने वाला है।

जेट स्ट्रीम से बिगड़ेगा मौसम

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी, वेस्टर्न डिस्टरबेंस और जेट स्ट्रीम की सक्रियता के कारण प्रदेश में ठंड का असर बढ़ा है। जेट स्ट्रीम की रफ्तार 278 से 285 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिससे रात के तापमान में तेजी से गिरावट आई है। ज्ञात हो कि जेट स्ट्रीम जमीन से करीब 12.6 किमी ऊंचाई पर बहने वाली तेज हवाएं होती हैं। जब उत्तर भारत से ठंडी हवाएं और पहाड़ों से बर्फीली हवाएं जेट स्ट्रीम के साथ मिलती हैं, तो ठंड कई गुना बढ़ जाती है। इस बार यही स्थिति मध्यप्रदेश में देखने को मिल रही है।

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