Government Office Biometric Attendance System: मध्य प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में अब बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (Biometric Attendance System) लागू करने के सख्त निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने दिए हैं। इस महत्वपूर्ण फैसले से सरकारी कर्मचारियों की समय पाबंदी सुनिश्चित होने के साथ ही प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही (Transparency & Accountability) बढ़ने की उम्मीद है।
Government Office Biometric Attendance System: मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) अब सरकारी दफ्तरों में कामकाज की रफ्तार बढ़ाने और समय की पाबंदी सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में Biometric Attendance System (बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम) लागू किया जाए। इस व्यवस्था से कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित होगी और प्रशासनिक दक्षता (Administrative Efficiency) भी बढ़ेगी।
समीक्षा बैठक में सख्ती के संकेत
शुक्रवार को मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक (Review Meeting) के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य आम जनता का विकास और उनके जीवन स्तर में सुधार है। इसलिए सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए योजनाओं को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारना होगा।
विभाग अपनी कमियों को सुधारें
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जो विभाग काम में पीछे हैं, उन्हें अपनी कमियों को तुरंत पहचानकर उन्हें दूर करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि प्रदेश को हर क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए सकारात्मक सोच और समयबद्ध कार्यप्रणाली (Time-Bound Action) जरूरी है।
पूरे प्रदेश में लागू होगा बायोमेट्रिक सिस्टम
मुख्यमंत्री ने मंत्रालय और अन्य सरकारी भवनों में पहले से चल रहे Biometric Attendance System की समीक्षा के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से कर्मचारियों की उपस्थिति पर नजर रखना आसान होगा और काम समय पर पूरा हो सकेगा। CM ने यह भी साफ किया कि वह खुद अचानक निरीक्षण (Surprise Inspection) कर कर्मचारियों की समय पाबंदी की जांच करेंगे।
स्वामित्व योजना में महिलाओं को प्राथमिकता
ग्रामीण विकास पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने Swamitva Scheme (स्वामित्व योजना) के तहत जमीन की रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीणों को मुफ्त पट्टे देने की प्रक्रिया को अभियान चलाकर तेज करने और पंचायत प्रतिनिधियों को इसमें सक्रिय रूप से शामिल करने की बात कही।
गांवों में विकास से पलायन रोकेगी सरकार
डॉ. यादव ने कहा कि गांवों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराकर शहरों की ओर हो रहे पलायन (Rural Migration) को रोका जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को गांवों का समग्र विकास करने, स्कूल, खेल मैदान और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
तकनीकी और मेडिकल शिक्षा में बड़ा बदलाव
बैठक में इंजीनियरिंग और मेडिकल शिक्षा के पुनर्गठन पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को तीन अलग-अलग तकनीकी विश्वविद्यालयों में विभाजित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसी तरह मेडिकल विश्वविद्यालयों के पुनर्गठन का काम भी आगे बढ़ाया जा रहा है।
स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर
CM ने उद्योगों से अपील की कि वे अपने परिसर में ही स्थानीय युवाओं को स्किल ट्रेनिंग (Skill Training) दें। इससे एक तरफ युवाओं को रोजगार मिलेगा और दूसरी तरफ उद्योगों को प्रशिक्षित कार्यबल (Trained Workforce) आसानी से उपलब्ध होगा।

