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MP: सीएम हेल्पलाइन पर नकेल, झूठी शिकायतों पर सरकार की सख्त कार्रवाई

mp news 181

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MP CM Helpline News: मध्यप्रदेश सरकार अब सीएम हेल्पलाइन 181 पर झूठी या बार-बार शिकायत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। डॉ. मोहन यादव सरकार ने सभी कलेक्टरों से इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है। जांच के बाद ऐसे व्यक्तियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। अब तक हेल्पलाइन पर 3.42 करोड़ शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 3.36 करोड़ का निपटारा हो चुका है।

MP CM Helpline News: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सुशासन के लिए शुरू की गई पहलों में से एक है सीएम हेल्पलाइन। इसका मकसद नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है। हालांकि, अब यह हेल्पलाइन सरकार के लिए चुनौती बन गई है। वर्तमान मोहन सरकार इस मुद्दे पर नया रुख अपनाते हुए सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।

झूठी शिकायतों पर लगाम की तैयारी

सरकार अब बार-बार झूठी और अनावश्यक शिकायत दर्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के मूड में है। इसके लिए सभी कलेक्टरों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर ऐसी शिकायतें करने वालों को चिह्नित कर ब्लैकलिस्ट करने की योजना है।

सीएम हेल्पलाइन का उद्देश्य

सीएम हेल्पलाइन का गठन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए किया गया था। यदि किसी नागरिक को सरकारी विभाग से सेवा नहीं मिलती या कोई अनियमितता होती है, तो वह 181 नंबर, ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कर सकता है। इसके बाद संबंधित अधिकारी समस्या का समाधान करते हैं।

समाधान की प्रक्रिया

शिकायत दर्ज होते ही समाधान की प्रक्रिया शुरू होती है। तहसील, जिला या संभाग स्तर पर समाधान न होने पर मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचता है। मुख्यमंत्री स्वयं नियमित मॉनिटरिंग करते हैं और लंबित मामलों की ऑनलाइन सुनवाई करते हैं।

झूठी शिकायतों से सिस्टम पर दबाव

शिकायतों के समाधान के दौरान यह सामने आया है कि कुछ लोग बार-बार झूठी शिकायतें दर्ज करते हैं, जिससे सिस्टम पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ शिकायतकर्ता शिकायतें बंद करने के बदले में ब्लैकमेलिंग का प्रयास करते हैं। अब तक पोर्टल पर 3.42 करोड़ से अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 3.36 करोड़ का समाधान होने का दावा किया गया है।

नागरिकों का आरोप: फोर्स क्लोज की समस्या

कई नागरिकों का कहना है कि अधिकारी उनकी समस्याओं का समाधान किए बिना शिकायतों को फोर्स क्लोज कर देते हैं, जिससे उनके साथ अन्याय होता है।

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