एमपी। पद्म श्री से सम्मानित प्रसिद्ध कथकाचार्य व कथक नृत्य की दाधीच शैली के जनक डॉ. पुरु दाधीच को प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी रत्न से सम्मानित किया गया है। भारतीय शास्त्रीय नृत्य और कला जगत में उनके असाधारण अनुसंधान, योगदान और दशकों की साधना के लिए उन्हें यह सम्मान मिला है। वे कटक स्थित श्री श्री विश्वविद्यालयश् के अंतर्गत भारत के पहले समर्पित कथक अनुसंधान केंद्र (श्री श्री उन्नत कथक अनुसंधान केंद्र) के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। कथक नृत्य में पहली पीएचडी हासिल करने वाले वे पहले व्यक्ति हैं। उन्होंने 1961 में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ (मध्य प्रदेश) में कथक का पहला पाठ्यक्रम शुरू किया था। उन्हें वर्ष 2018 के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से भी अलंकृत किया जा चुका है।
उज्जैन में जन्में है डॉ. पुरु दाधीच
पुरु दाधीच का जन्म मध्य प्रदेश के उज्जैन के एक पारंपरिक पौराणिक ब्राह्मण परिवार में हुआ है। उनका विवाह कथक गुरु और शोधकर्ता डॉ. विभा दाधीच से हुआ है। उनके दो बेटे और एक बेटी है। डॉ. पुरु दाधीच का पूरा नामरू डॉ. पुरुषोत्तम दाधीच। वे भारत के एक अत्यंत प्रतिष्ठित कथक नर्तक, कोरियोग्राफर, और शिक्षाविद हैं। उन्हें कथक नृत्य शिक्षा प्रणाली का जनक माना जाता है क्योंकि उन्होंने ही कथक को औपचारिक शिक्षा और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया था।
ऐसी उपलब्धी
प्रथम डॉक्टरेट डॉ. दाधीच दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें कथक में डॉक्टरेट की उपाधि (संगीताचार्य) प्राप्त है। उन्होंने अपनी थीसिस कथक नृत्य का उद्भव और विकास पर लिखी थी। 1961 में उन्होंने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ में भारत का पहला कथक पाठ्यक्रम तैयार किया था। कथक के इतिहास और सिद्धांतों पर लिखी गई उनकी प्रामाणिक पुस्तकें देश-विदेश के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाती हैं। उन्होंने इस विषय पर कई किताबें लिखी है।
पुरस्कार और सम्मान
डॉ. पुरु दाधीच को कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2020 में भारत के चौथे सर्वाेच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा, वह संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, कालिदास सम्मान और टैगोर राष्ट्रीय फैलोशिप से भी सम्मानित किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. पुरू दाधीच को दी बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कत्थक नृत्य की ‘दाधीच शैली’ के प्रवर्तक और ‘पद्म श्री’ से सम्मानित डॉ. पुरु दाधीच को संगीत नाटक अकादमी रत्न से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि डॉ. दाधीच ने भारत की शास्त्रीय नृत्य परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनके इस सम्मान से कला, साहित्य व संस्कृति की नगरी इंदौर सहित संपूर्ण मध्यप्रदेश की प्रतिष्ठा राष्ट्रीय स्तर पर और बढ़ी है।

