Site iconSite icon SHABD SANCHI

MP Holistic Progress Card Scheme: कक्षा 9वीं के मूल्यांकन में बड़ा बदलाव, प्रदेश में लागू हुआ होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड

MP Holistic Progress Card Scheme: मध्य प्रदेश में कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों के मूल्यांकन (Student Assessment) के लिए सीबीएसई की तर्ज पर हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (Holistic Progress Card) लागू किया गया है, जिसमें पायलट प्रोजेक्ट के तहत विद्यार्थियों के कौशल, व्यवहार और विभिन्न गतिविधियों को भी आकलन का हिस्सा बनाया जाएगा। वहीं, जबलपुर में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ई-अटेंडेंस (E-Attendance) अनिवार्य की गई है और शिक्षकों को सुबह 10:30 बजे से पहले अपनी हाजिरी दर्ज करनी होगी।

MP Holistic Progress Card Scheme: मध्य प्रदेश में कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों के मूल्यांकन (Student Assessment) के तरीके में बदलाव किया गया है। सीबीएसई की तर्ज पर प्रदेश में होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (Holistic Progress Card) को पायलट प्रोजेक्ट (Pilot Project) के तौर पर शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की क्षमता को केवल परीक्षा के अंकों तक सीमित न रखकर उनके कौशल, व्यवहार और विभिन्न गतिविधियों में भागीदारी का भी आकलन करना है।

समग्र शिक्षा अभियान के अपर परियोजना संचालक की ओर से अगस्त से इस नई व्यवस्था को शुरू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। फिलहाल यह योजना प्रदेश के प्रत्येक जिले के तीन चयनित स्कूलों में लागू की जा रही है। इनमें एक सांदीपनि विद्यालय, एक पीएम श्री स्कूल और एक जिला उत्कृष्ट विद्यालय शामिल है।

परीक्षा के साथ कौशल और व्यवहार का भी होगा आकलन

नई व्यवस्था में विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ उनके Skills, Behaviour और Participation को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया जाएगा। यानी अब छात्र की प्रगति (Overall Progress) का आकलन केवल लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर नहीं होगा। इस व्यवस्था के तहत अगस्त से फरवरी तक कुल 144 शैक्षणिक कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं। विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों में शामिल करने के लिए प्रतिदिन 50 मिनट के हिसाब से कुल 120 घंटे तय किए गए हैं।

अगस्त से फरवरी तक अलग-अलग गतिविधियां

होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड के तहत विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग महीनों में अलग तरह की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अगस्त में विद्यार्थी व्यक्तिगत जानकारी, स्व-मूल्यांकन (Self Assessment), समय प्रबंधन (Time Management) और भविष्य की तैयारी जैसे विषयों पर काम करेंगे। सितंबर और अक्टूबर में विद्यार्थियों को समूह परियोजनाओं (Group Projects) से जोड़ा जाएगा। इसके बाद नवंबर और दिसंबर में समस्या आधारित जांच (Problem-Based Investigation) जैसी गतिविधियां कराई जाएंगी। जनवरी में कक्षा संवाद (Classroom Dialogue) आयोजित किया जाएगा, जबकि फरवरी में शिक्षक विद्यार्थियों का अंतिम मूल्यांकन (Final Assessment) पूरा कर प्रगति रिपोर्ट तैयार करेंगे।

क्रेडिट की जगह ग्रेड से जोड़ी जाएंगी गतिविधियां

मौजूदा व्यवस्था में नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (National Credit Framework) लागू नहीं होने के कारण इन गतिविधियों को सीधे क्रेडिट से नहीं जोड़ा जाएगा। विद्यार्थियों की गतिविधियों और प्रदर्शन को ग्रेडिंग सिस्टम (Grading System) के माध्यम से दर्ज किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि के साथ उनके व्यक्तिगत और सामाजिक कौशल की भी बेहतर तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

शिक्षकों की ई-अटेंडेंस पर भी सख्ती

इधर, जबलपुर शहर में स्कूलों में शिक्षण कार्य समय पर शुरू कराने के लिए शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की ई-अटेंडेंस (E-Attendance) को लेकर भी सख्ती की है। नई व्यवस्था के अनुसार शिक्षकों को सुबह 10:30 बजे से पहले ई-अटेंडेंस दर्ज करानी होगी। निर्धारित समय के बाद लगाई गई हाजिरी को अमान्य माना जाएगा।

देर से स्कूल पहुंचने की शिकायतों के बाद फैसला

शिक्षा विभाग को लगातार ऐसी जानकारी मिल रही थी कि कई शिक्षक सुबह 11 बजे के बाद स्कूल पहुंच रहे हैं। इससे स्कूलों में समय पर पढ़ाई शुरू नहीं हो पा रही थी और शिक्षण व्यवस्था (Teaching Process) प्रभावित हो रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने ई-अटेंडेंस को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करना और स्कूलों में नियमित शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करना है।

शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश

कक्षा 9वीं के लिए होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड और शिक्षकों की ई-अटेंडेंस में बदलाव, दोनों ही फैसलों का जोर Assessment और Accountability पर है। एक ओर विद्यार्थियों की प्रगति को व्यापक तरीके से मापने की कोशिश की जा रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

Exit mobile version