MP Budget 2026: मध्यप्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा (Jagdish Deora) ने विधानसभा में यह बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह बजट विशेष रूप से किसानों, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण विकास पर केंद्रित है, जिसमें कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से इन वर्गों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
MP Budget 2026: मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट भाषण की शुरुआत में इसे प्रधानमंत्री (Narendra Modi) के सपनों को साकार करने वाला बताया। बजट में सड़क अधोसंरचना और ग्रामीण कनेक्टिविटी (Rural connectivity) पर विशेष फोकस किया गया है, जिसके तहत बड़े पैमाने पर निर्माण और सुधार कार्य प्रस्तावित हैं।
लोक निर्माण से लोक कल्याण की दिशा में तेज प्रगति
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि “लोक निर्माण से लोक कल्याण” (Public Welfare Through Public Works) की नीति पर प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 2,190 किलोमीटर सड़क निर्माण एवं उन्नयन, 992 किलोमीटर सड़क नवीनीकरण तथा 30 पुलों और रेलवे ओवरब्रिज (Railway Overbridge) का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा लगभग ₹3,000 करोड़ की लागत वाली प्रमुख परियोजनाएं जैसे भोपाल में सिक्स लेन कोलार रोड (Six Lane Kolar Road), गायत्री मंदिर से गणेश मंदिर तक फ्लाईओवर और दमोह नाका एलिवेटेड कॉरिडोर (Damoh Naka Elevated Corridor) भी पूर्ण हो चुकी हैं।
प्रमुख सड़क एवं पुल परियोजनाओं पर तेजी
मध्य प्रदेश में वर्तमान में कई महत्वपूर्ण सड़क और पुल परियोजनाएं तेजी से चल रही हैं, जिनमें 111 रेलवे ओवरब्रिज (111 Railway Overbridge) का निर्माण, अटेर-जैतपुर मार्ग पर चंबल नदी के ऊपर उच्च स्तरीय पुल, भोपाल के संत हिरदाराम नगर में एलिवेटेड कॉरिडोर (Elevated corridor in Sant Hirdaram Nagar), ग्वालियर में स्वर्ण रेखा नदी पर एलिवेटेड कॉरिडोर, इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर, उज्जैन में फोर लेन एलिवेटेड कॉरिडोर तथा महाकाल रोप-वे (Mahakal Ropeway) शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी, यातायात अधिक सुगम और सुरक्षित बनेगा, वहीं ग्रामीण इलाकों तक बेहतर कनेक्टिविटी पहुंचेगी, जिससे आर्थिक विकास और आम जनता की सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।
हाईब्रिड एन्युटी मॉडल से तेज विकास
सड़क अधोसंरचना के शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण विकास के लिए हाईब्रिड एन्युटी मॉडल अपनाया गया है। पिछले दो वर्षों में इस मॉडल के तहत ₹12,676 करोड़ की अनुमानित लागत वाली सड़क परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। साथ ही प्रदेश में रोड नेटवर्क मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana) के तहत वित्त वर्ष 2025-26 (FY 2025-26) में लगभग 1,500 किलोमीटर सड़क निर्माण और 7,000 किलोमीटर नवीनीकरण का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना (Chief Minister Majra-Tola Road Scheme) के अंतर्गत मुख्य सड़क से जुड़ी न होने वाली बसाहटों को जोड़ने के लिए 30,900 किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
क्षतिग्रस्त पुलों का पुनर्निर्माण
क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण के लिए 1,766 पुल और पुलियों का निर्माण प्रस्तावित है। इस योजना के लिए ₹4,572 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 में ₹900 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
सड़क और पुल निर्माण के लिए कुल बजट प्रावधान
सड़कों एवं पुलों के निर्माण, संधारण और मरम्मत के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में कुल ₹12,690 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। यह राशि दूरदराज के क्षेत्रों को मुख्य सड़क मार्ग से जोड़ने, सुरक्षा बढ़ाने और ग्रामीण कनेक्टिविटी मजबूत करने में खर्च की जाएगी।
