MP Budget 2026: मध्य प्रदेश के 2026 बजट में किसान, महिला, मजदूर, युवा और जनजातीय वर्ग पर विशेष फोकस रहा, जिसमें किसानों के लिए सोलर पंप योजना, महिलाओं की लाड़ली योजनाओं में बड़ी धनराशि, श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच, युवाओं व छात्रों के लिए छात्रवृत्ति एवं स्कॉलरशिप में वृद्धि, तथा जनजातीय क्षेत्रों और ग्रामीण विकास के लिए पर्याप्त बजट प्रावधान किया गया।
MP Budget 2026: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में बजट प्रस्तुत करते हुए किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और जनजातीय समुदायों को प्राथमिकता दी है। बजट में कृषि, सामाजिक सुरक्षा, नारी सशक्तिकरण, शिक्षा और ग्रामीण विकास पर विशेष जोर दिखाई दिया है। कुल मिलाकर महिला कल्याण और संबंधित योजनाओं के लिए 1,27,555 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है।
1 लाख सोलर पंप और कृषक उन्नति योजना
सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं, जिसमें 3000 करोड़ रुपये की लागत से 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराने, किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष कुल 12 हजार रुपये की सहायता प्रदान करने, कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान, 6.69 लाख किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित करने, पीएम फसल बीमा योजना हेतु 1,299 करोड़ रुपये आवंटित करने के साथ ही जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को पंजीकृत कर 1 लाख हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती का लक्ष्य रखा गया है; प्रदेश दाल उत्पादन में प्रथम, गेहूं-तिलहन में द्वितीय स्थान पर है तथा संतरा, धनिया और लहसुन में भी अग्रणी है, जिसमें खेत से बाजार तक सहायता पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
मजदूरों और असंगठित क्षेत्र के लिए 1335 करोड़ का प्रावधान
बजट में श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, साथ ही प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत प्रदेश में 4 करोड़ 61 लाख से अधिक खाते खोले जा चुके हैं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3 करोड़ 64 लाख पंजीकरण हुए हैं तथा प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 1 करोड़ 54 लाख से अधिक पंजीकरण दर्ज किए गए हैं.
महिला सशक्तिकरण पर जोर
बजट में महिला कल्याण और नारी सशक्तिकरण को प्रमुख हिस्सा बनाया गया है, जिसमें कुल 1,27,555 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है; लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 8,801 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे 52 लाख 29 हजार बालिकाएं लाभान्वित हो रही हैं, लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान है, आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण अभियान चलाया जा रहा है जिसमें 80 लाख दूध पैकेट वितरित किए गए हैं तथा इसके लिए 6,700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, साथ ही कामकाजी महिलाओं के लिए कई जिलों में ‘सखी भवन’ का निर्माण किया जा रहा है.
युवाओं और शिक्षा के लिए विशेष प्रावधान
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, वहीं सरदार पटेल कोचिंग योजना के अंतर्गत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 4 हजार विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और सभी विधानसभा क्षेत्रों में सर्व सुलभ स्टेडियम निर्माण तथा खेल विकास के लिए भी 815 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
ग्रामीण विकास, सड़क और अन्य प्रमुख घोषणाएं
बजट में 11,277 जनजातीय गांवों के विकास पर विशेष फोकस रखा गया है, ग्रामीण कनेक्टिविटी के लिए 21,630 करोड़ रुपये, सड़कों की मरम्मत के लिए 12,690 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री माजरा टोला योजना के तहत 20,900 किमी सड़क निर्माण का प्रावधान किया गया है; इसके अलावा पीएम आवास के लिए 6,850 करोड़, वन पर्यावरण क्षेत्र एवं कृषि वानिकी योजना के लिए 6,151 करोड़, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के लिए 50 करोड़, सिंहस्थ आयोजन की तैयारियों हेतु 3,060 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान (कुल स्वीकृत 13,851 करोड़) तथा पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक आदि के कल्याण के लिए 1,651 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
