MP Assembly Budget 2025-26: वित्त विभाग द्वारा जारी सख्त निर्देशों के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 की शेष अवधि में अफसरों के लिए नई गाड़ियां खरीदने, कार्यालयों में एसी लगवाने, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या फर्नीचर जैसी गैर-आवश्यक मदों पर कोई बजट आवंटन नहीं किया जाएगा। फरवरी 2026 में पेश होने वाले तीसरे अनुपूरक बजट में केवल पूर्व स्वीकृत, केंद्र सहायता प्राप्त या अत्यावश्यक प्रस्ताव ही स्वीकार किए जाएंगे।
MP Assembly Budget 2025-26: मध्यप्रदेश विधानसभा के फरवरी में प्रस्तावित बजट सत्र की तैयारियों के बीच मध्य प्रदेश के वित्त विभाग ने सभी विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय वर्ष की शेष अवधि (31 मार्च 2026 तक) में अफसरों के लिए नई गाड़ियां खरीदने, कार्यालयों में एयर कंडीशनर (एसी) लगवाने, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या फर्नीचर की खरीद के लिए कोई भी बजट आवंटन नहीं किया जाएगा।
तीसरा अनुपूरक बजट फरवरी में पेश
वित्त विभाग के अनुसार, फरवरी 2026 में शुरू होने वाले विधानसभा बजट सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इस वर्ष बजट निर्माण जीरो बेस्ड बजटिंग (Zero Based Budgeting) प्रणाली के आधार पर किया गया है, जिसमें सभी मदों की गहन समीक्षा के बाद ही प्रावधान किए गए हैं। साथ ही, पूर्व वित्तीय वर्ष के लंबित बिलों को कम करने का भी प्रयास किया गया है।
23 जनवरी तक ऑनलाइन प्रस्ताव अनिवार्य
तीसरे अनुपूरक बजट के लिए विभागों से केवल निर्धारित मापदंडों के अनुरूप प्रस्ताव ही स्वीकार किए जाएंगे। वित्त विभाग ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे प्रस्ताव 23 जनवरी 2026 तक केवल ऑनलाइन (IFMIS पोर्टल के माध्यम से) ही भेजे जाएं। प्रस्ताव पहले संबंधित प्रशासकीय विभाग से अनुमोदन प्राप्त करने के बाद ही भेजे जाएंगे। प्रत्येक प्रस्ताव में योजना का सेगमेंट कोड और नाम स्पष्ट रूप से उल्लेख करना अनिवार्य होगा।
केंद्र सहायता वाले मदों में पूरी जानकारी जरूरी
यदि किसी मद के लिए केंद्र सरकार से अनुदान या ऋण के रूप में सहायता प्राप्त होनी है, तो उसकी पूरी जानकारी प्रस्ताव में देनी होगी। अतिरिक्त राशि की मांग के साथ अनुदान संख्या और संबंधित वित्तीय विवरण भी अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने होंगे।
किन प्रस्तावों को मिलेगी मंजूरी?
- जिन कार्यों के लिए राज्य की आकस्मिक निधि से एडवांस स्वीकृत किया गया हो।
- जिनके लिए विभागों ने वित्त विभाग से पूर्व चर्चा की हो और सहमति प्राप्त हो।
- जिनके लिए भारत सरकार या अन्य एजेंसी से वित्तीय सहायता/केंद्रांश स्वीकृत हो और जो मौजूदा बजट मद से अलग नहीं की जा सकती हो।
- जहां अतिरिक्त संसाधन अन्य योजनाओं में कटौती से नहीं जुटाए जा सकते।
- विशेष पूंजीगत सहायता योजना के तहत भारत सरकार को प्रस्ताव भेजे गए/भेजने वाले कार्यों के लिए अलग बजट लाइन खोलने की आवश्यकता हो, तो प्रतीक प्रावधान के अलावा अनुपूरक प्रस्ताव दिया जा सकेगा।
- भारत सरकार द्वारा स्वीकृत कार्यों में यदि अतिरिक्त बजट की जरूरत हो और अन्य योजनाओं से बचत संभव न हो।

