Ambedkar Jayanti 2026: भारत रत्न’ बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर पूरे मध्यप्रदेश में 8 से 14 अप्रैल तक व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, वहीं संत रविदास जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 31 मार्च 2027 तक पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यक्रम चलाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में इन कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करें और प्रभावी समन्वय के साथ उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
Ambedkar Jayanti 2026: मध्यप्रदेश में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर 8 अप्रैल से 14 अप्रैल तक राज्यव्यापी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बाबा साहब के विचारों और सामाजिक न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों तथा विकासखंडों में विभिन्न आयोजन होंगे। इस श्रृंखला का राज्य स्तरीय कार्यक्रम भिंड जिला मुख्यालय पर आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने और आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिला और विकासखंड स्तर पर होंगे कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि डॉ. अंबेडकर जयंती के अवसर पर प्रदेश के हर जिला मुख्यालय के साथ-साथ प्रत्येक विकासखंड में संगोष्ठी, सम्मान समारोह और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर के विचारों, समानता, सामाजिक न्याय और समरसता के मूल्यों को प्रमुखता दी जाएगी।
संत रविदास जयंती वर्ष में चलेगा सामाजिक समरसता अभियान
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि संत रविदास जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 31 मार्च 2027 तक पूरे प्रदेश में सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इन कार्यक्रमों की रूपरेखा जिला स्तर पर तैयार की जाएगी और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रभारी मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रधानमंत्री ने दी फोरलेन सड़कों की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि बीते सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश को कई महत्वपूर्ण फोरलेन सड़क परियोजनाओं की मंजूरी दी है। इनमें इटारसी-बैतूल सेक्शन में टाइगर कॉरिडोर, निवाड़ी-झांसी फोरलेन बायपास और एनएच-44 व एनएच-39 को जोड़ने वाली लिंक रोड शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश में आर्थिक, व्यापारिक और पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा।
उज्जैन में सफल रहा ‘महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम’ सम्मेलन
उज्जैन में हाल ही में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन “महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम” में भारतीय काल गणना की वैज्ञानिकता और ऐतिहासिक श्रेष्ठता पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस सम्मेलन से उज्जैन की वैश्विक पहचान को और सशक्त करने में महत्वपूर्ण योगदान मिला है।
