Cache of Fake Currency Notes: खंडवा में मस्जिद के मौलवाना मोहम्मद इरशाद को नोट छापने की मशीन और लाखों रुपये के नकली नोटों के साथ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, मौलवाना मस्जिद में नमाज पढ़ाने की आड़ में पिछले कई महीनों से नकली करेंसी का कारोबार चला रहा था। गुप्त सूचना पर छापा मारते ही पुलिस को मस्जिद परिसर में ही हाई-टेक प्रिंटिंग मशीन, स्याही, कागज और तैयार नकली नोटों का जखीरा मिला।
Cache of Fake Currency Notes: खंडवा जिले में नकली नोट सप्लाई करने वाले मौलाना की गिरफ्तारी पर नगर विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सोमवार को बयान में मंत्री ने कहा कि मदरसे अब अवैध गतिविधियों का केंद्र बनते जा रहे हैं, पहले ऐसा नहीं था। नोट छापने की मशीन व बड़ी संख्या में नकली नोटों के साथ गिरफ्तार आरोपी मस्जिद का मौलाना है। आरोप है कि मौलाना मस्जिद में नमाज पढ़ाने की आड़ में नकली नोट छापने का धंधा चला रहा था। नकली नोटों की जांच खंडवा पुलिस कर रही है।
19 लाख से अधिक के नकली नोट व कटर बरामद हुए
मंत्री बोले, “मदरसे अवैध गतिविधियों का केंद्र बनते जा रहे हैं, पहले ऐसा नहीं था।” कैलाश विजयवर्गीय ने आगे कहा कि बाहर के लोग मदरसों में आकर काम कर रहे हैं, साथ ही अवैध गतिविधियां चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि मदरसों में पढ़ाने वालों की पूरी जानकारी सरकार को हासिल करनी चाहिए। मौलाना के पास से 19 लाख से अधिक के नकली नोट व कटर बरामद हुए। गौरतलब है कि मौलाना को रविवार को महाराष्ट्र के मालेगांव में नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 19 लाख से अधिक के नकली नोट बरामद हुए। गांववालों की सूचना पर खंडवा पुलिस ने छापेमारी की, जिसमें भारी संख्या में नकली नोट व नोट काटने का कटर जब्त हुआ।
मदरसों के लिए एक पॉलिसी बनाई जाए: मंत्री विजयवर्गीय
मौलाना के घर नकली नोट बनाने की मशीन व भारी संख्या में नकली नोट बरामद होने पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “मैं मुख्यमंत्री जी से निवेदन करूंगा कि इस विषय को गंभीरता से लें और प्रदेश के सभी मदरसों के लिए एक पॉलिसी बनाई जाए।” महाराष्ट्र पुलिस ने 10 लाख के नकली नोटों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया। रिपोर्ट के मुताबिक नकली नोट कारोबार का खुलासा तब हुआ जब मालेगांव में मुंबई-आगरा रोड के एक होटल से दो संदिग्ध पुलिस के हत्थे चढ़े। उनके बैग से 10 लाख के नकली नोट मिले।
दोनों आरोपी रिमांड पर
नकली नोट केस में मालेगांव से गिरफ्तार दोनों आरोपी बुरहानपुर के निकले। गिरफ्तार मौलाना की पहचान नजीम अकरम मोहम्मद अयूब अंसारी और मोहम्मद जुबेर अशरफ अंसारी के रूप में हुई, जो बुरहानपुर जिले के निवासी हैं। दोनों को रिमांड पर लिया गया है, पुलिस कड़ी पूछताछ कर रही है। महाराष्ट्र में गिरफ्तार जुबेर अंसारी की खबर सोशल मीडिया के जरिए खंडवा के ग्राम मछोंडी रैयार तक पहुंची। बुरहानपुर में लोगों ने जुबेर को पहचान लिया, क्योंकि वह पिछले तीन महीने से गांव की मस्जिद में नमाज पढ़ा रहा था।
500 रुपए की गड्डियों से भरे दो बैग बरामद किए
बुरहानपुर की मस्जिद में नमाज पढ़ाने वाला जुबेर नकली नोट मामले में गिरफ्तार हुआ। ग्रामीणों ने गंभीरता देख आपस में चर्चा की और खंडवा पुलिस को सूचना दी कि जुबेर उनके गांव में नमाज पढ़ाता है, लेकिन उसे महाराष्ट्र पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस आए और उसके घर की तलाशी ले। जुबेर के कमरे से पुलिस ने 500 रुपए की गड्डियों से भरे दो बैग बरामद किए। एक बैग से नोट काटने का कटर भी मिला। पुलिस पहले सूचना को हल्के में ले रही थी, लेकिन सोशल मीडिया क्लिप देखकर तुरंत छापा मारा।
गिरोह की तलाशी हुई तेज
नकली नोटों के जखीरे के साथ गिरफ्तार मौलाना नजीम अकरम मोहम्मद अयूब अंसारी और मोहम्मद जुबेर अशरफ अंसारी बुरहानपुर के हैं। दोनों रिमांड पर हैं, पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस पता लगा रही है कि ये नोट कहां-कहां खपाए गए। मालेगांव से पकड़े नजीम अकरम व जुबेर से पूरे मामले की बारीकी से जांच हो रही है। नकली नोट गिरोह के तार कहां जुड़े हैं, यह भी खंगाला जा रहा है। फिलहाल जुबेर का कमरा सील कर दिया गया है।
