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Moral Stories To Panchatantra In Hindi : झूठ के रंग में डूबी सत्ता की सच्चाई है कहानी-नीला सियार

Moral Stories To Panchatantra In Hindi : झूठ के रंग में डूबी सत्ता की सच्चाई है कहानी-नीला सियार- पंचतंत्र की कहानियां केवल बच्चों के मनोरंजन के लिए नहीं बल्कि समाज और जीवन के गहरे सत्य को सरल भाषा में समझाने का माध्यम हैं। “नीला सियार” ऐसी ही एक प्रसिद्ध और विचारोत्तेजक कहानी है, जो दिखावे, झूठी पहचान और अस्थायी शक्ति की सच्चाई को उजागर करती है। यह कथा आज के समाज, राजनीति और सोशल मीडिया के दौर में और भी अधिक प्रासंगिक हो जाती है, जहां बाहरी चमक अक्सर वास्तविकता पर भारी पड़ती दिखाई देती है। नीला सियार पंचतंत्र की प्रसिद्ध कहानी है जो झूठी पहचान, दिखावे और अस्थायी सत्ता की सच्चाई को उजागर करती है। पढ़िए पूरी कहानी, उद्देश्य और सामाजिक संदेश।

पंचतंत्र की कहानियों में से कहानी “नीला सियार’ का पूरा विस्तार

एक जंगल में रहने वाला एक चालाक सियार भोजन की तलाश में भटकते-भटकते शहर की ओर निकल जाता है। अचानक कुत्तों का झुंड उसे दौड़ा लेता है। जान बचाने के लिए वह भागते हुए एक रंगाई की दुकान में जा गिरता है। वहां रखे नीले रंग के ड्रम में गिरने से उसका पूरा शरीर नीला हो जाता है। किसी तरह जान बचाकर वह जंगल लौट आता है। जब अन्य जानवर उसे नीले रंग में देखते हैं तो डर जाते हैं और उसे कोई दिव्य या अलौकिक प्राणी समझ बैठते हैं। सियार इस अवसर का पूरा लाभ उठाता है और खुद को देवताओं का भेजा हुआ प्रतिनिधि बताकर जंगल का राजा बन जाता है। कुछ समय तक वह न्यायप्रिय और शांत शासक बनने का दिखावा करता है। जानवर उसके आदेशों का पालन करते हैं, क्योंकि वे उसके रंग और कथित दिव्यता से प्रभावित होते हैं। लेकिन एक रात जंगल में दूर से सियारों के हुआं -हुआं की आवाज़ आती है। वह अपनी असली प्रवृत्ति रोक नहीं पाता और ज़ोर से सियारों की तरह बोल उठता है। बस फिर क्या था-सभी जानवर समझ जाते हैं कि यह कोई देवता नहीं, बल्कि एक साधारण सियार है। उसका झूठ उजागर हो जाता है। क्रोधित जानवर उसे जंगल से भगा देते हैं और उसका झूठा साम्राज्य एक ही पल में समाप्त हो जाता है।

पंचतंत्र की कहानियों का उद्देश्य-(Moral Objective)

नीला सियार- कहानी का मुख्य उद्देश्य यह समूची मानव समाज को सिखाता है कि झूठी पहचान और दिखावे से मिली सत्ता टिकाऊ नहीं होती। सच्चाई चाहे देर से सही, लेकिन सामने ज़रूर आती है। इसलिए हर व्यक्ति का मूल्य उसके रंग, पद या बाहरी छवि से नहीं, बल्कि उसके चरित्र और कर्मों से तय होता है।

पंचतंत्र की कहानियों के सकारात्मक सामाजिक संदेश

आज के समाज में यह कहानी हमें कई महत्वपूर्ण सबक देती है

दिखावे से सावधान रहें-सोशल मीडिया और प्रचार के दौर में लोग अपनी छवि को वास्तविकता से अलग दिखाने की कोशिश करते हैं। यह कहानी सिखाती है कि बाहरी आवरण अधिक समय तक नहीं टिकता।

ईमानदारी ही स्थायी शक्ति है-सियार ने कुछ समय के लिए शासन किया, लेकिन ईमानदारी के बिना उसकी सत्ता ढह गई। समाज में वही नेतृत्व टिकता है जो सच्चाई और नैतिकता पर आधारित हो।

अपनी पहचान स्वीकार करें-अपनी वास्तविक पहचान से भागना अंततः नुकसान ही पहुंचाता है। हमें हमेशा याद रखना चाहिए की आत्मस्वीकृति और आत्मविश्वास ही विकास का मार्ग है।

समाज की जागरूकता जरूरी है-जानवरों ने बिना परखे सियार को राजा मान लिया।ये बात हमें यह सिखाती है कि किसी को भी आंख मूंदकर यानि बंद करके महान या नेता नहीं मानना चाहिए।

निष्कर्ष (Conclusion)-नीला सियार पंचतंत्र की उन अमर कहानियों में से एक है, जो हर युग में प्रासंगिक रहती है। यह हमें याद दिलाती है कि झूठ, छल और दिखावे की नींव पर खड़ी सफलता क्षणिक होती है। अंततः सच्चाई, ईमानदारी और वास्तविक चरित्र ही व्यक्ति को सम्मान और स्थायित्व दिलाते हैं।आज के समय में, जब बनावटी छवियाँ आसानी से बनाई जा सकती हैं, यह कहानी हमें सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।

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