वेदर न्यूज। विंध्य क्षेत्र सहित मध्यप्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। मई का आधा महीना भी अब निकल गया है। ऐसे में लोगो की नजर मानसून पर टिक गई है कि अखिर कार बदरा कब दस्तक देगें। मौसम विभाग से जो संकेतों मिल रहे है उसके तहत इस बार देश के केरल तट पर समय से पहले मानसून के पहुचने की उम्मीद है, यानि इस बार मानसून केरल में 26 मई के आसपास दस्तक दे सकता है, आमतौर पर मानसून मई के आखिरी डेट यानि 30 से 31 मई या फिर 1 से 2 जून के शुरूआत में पहुचता है।
ऐसे होगी मानसून की चाल
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मानसून केरल में 26 मई के आसपास दस्तक दे सकता है, इसके बाद मानसून धीरे-धीरे महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगा।
जून के तीसरे सप्ताह तक विंध्य में मानसूनी बारिश
रीवा में मानसून 2026 जून के तीसरे सप्ताह तक पहुंच सकता है। यदि मौसम की परिस्थितियां सामान्य रहीं तो 15 से 23 जून के बीच रीवा समेत पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय होने की संभावना है। जून के पहले सप्ताह तक क्षेत्र में तेज गर्मी और लू का असर बना रह सकता है। इसके बाद प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने की संभावना है, जिसमें मौसम का मिजाज बदलेगा और गरज-चमक के बीच बारिश देखने को मिल सकती है।
बंगाल की खाड़ी से विंध्य में सक्रिय होगा मानसून
रीवा और विंध्य क्षेत्र में मानसून ज्यादातर बंगाल की खाड़ी शाखा से पहुचता है। यही वजह है कि पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में कई बार पश्चिमी हिस्सों से पहले बारिश शुरू हो जाती है। मौसम विभाग के अनुसार यदि बंगाल की खाड़ी में मजबूत सिस्टम बना तो मानसून तय समय से 2 से 3 दिन पहले भी पहुंच सकता है।
सामान्य से कंम हो सकती है बारिश
मौसम विभाग से शुरुआती जो जानकारी आ रही है उसके तहत इस साल देशभर में मानसून सामान्य से थोड़ा कम रह सकता है। रिपोर्ट में जून से सितंबर के बीच करीब 92 प्रतिशत बारिश का अनुमान जताया गया है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि रीवा और विंध्य क्षेत्र में बारिश का वितरण ज्यादा महत्वपूर्ण रहेगा। यदि जुलाई और अगस्त में लगातार अच्छी बारिश हुई तो किसानों को फायदा मिल सकता है, हांलाकि मानसूनी गतिविधि बनने के बाद बारिश को लेकर स्थित और स्पष्ट हो पाएगी।

