मानसून। देश वासियों का इंतजार आखिरी कार सामाप्त हो गया और 4 जून को मानसून केरल में दस्तक दे दिया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आधिकारिक तौर पर केरल में प्रवेश कर लिया है। जिससे पूरे क्षेत्र में झमाझम बारिश शुरू हो गई है। जिससे भारत में वर्षा ऋतु का आगाज़ हो गया। मौसम विभाग की ओर से मानसून के केरल में दस्तक देने की घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही अन्य राज्यों में मानसून को लेकर चर्चा होने लगी है कि कब तक मानसूनी बारिश पूरे देश में शुरू हो जाएगी। ज्ञात हो कि इस वर्ष मानसून देरी से केरल तट पर पहुचा है, आम तौर पर मानसून मई के आखिरी सप्ताह या फिर एक या दो जून को केरल में बारिश करता है, लेकिन इर्स वर्ष 4 जून को मानसून के पहुचने के बाद लोगो ने राहत की सांस ली हैं।
जाने एमपी में कब होगी मानसूनी बारिश
मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 में 18 जून से 25 जून के बीच दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, इस साल मानसून की गति थोड़ी धीमी होने और अल नीनो का प्रभाव रहने के कारण इसके 15 से 20 जून के आसपास पूर्वी हिस्सों में प्रवेश करने और फिर पूरे राज्य में फैलने की संभावना है, हांलाकि इस बीच प्री-मानसून गतिविधियों के कारण मौसम का मिजाज बदला रहेगा, जिससे कई इलाकों में आंधी और बारिश की भी संभावना है।
इस वर्ष औसत सें कंम बारिश की संभावना
आमतौर पर मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री 15 से 20 जून के बीच होती है। मौसम विभाग के अनुसार, इस वर्ष यह थोड़ा आगे खिसक कर 18 जून से 25 जून के बीच पूरी तरह से सक्रिय होने की उम्मीद है। वही वर्षा का जो अनुमान है वह इस वर्ष मध्य प्रदेश में सामान्य से लगभग 5 से 10 प्रतिशत कम बारिश होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, यह सामान्य मानसून का समय होगा, लेकिन अल-नीनो के असर के कारण कुछ क्षेत्रों में अगस्त और सितंबर के दौरान बारिश में कुछ कमी आ सकती है।

