Monsoon 2026 India Update: देश में मानसून ने एक बार फिर तेज़ी पकड़ ली है। बंगाल से लेकर कश्मीर तक करीब 1500 किलोमीटर लंबी मानसून ट्रफ बन गई है, जिससे उत्तर भारत में 1 से 4 जुलाई के बीच भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार यह सिस्टम अब धीरे-धीरे अपने सामान्य स्थान की ओर खिसक रहा है।
मानसून की 26 राज्यों में एंट्री
मानसून ने अब तक देश के 26 राज्यों को कवर कर लिया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जैसे उत्तरी राज्यों में भी मानसून ने मंगलवार को एंट्री कर ली। इससे पहले यह मध्य प्रदेश और गुजरात तक पहुंचा था, लेकिन कुछ दिनों तक इसकी रफ्तार धीमी रही, जिससे कई राज्यों में गर्मी और उमस बनी रही।
1500 किलोमीटर लंबी मानसून ट्रफ का असर
सैटेलाइट तस्वीरों में यह साफ देखा गया है कि उत्तरी बंगाल की खाड़ी से लेकर जम्मू-कश्मीर तक एक लंबी मानसून ट्रफ (Monsoon Trough Formation) बन गई है। यह ट्रफ एक कम दबाव की पट्टी होती है, जिसे मानसून की “रीढ़” कहा जाता है। इसी के जरिए नमी से भरी हवाएं देश के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचती हैं और बारिश कराती हैं।
उत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट
IMD के अनुसार यह ट्रफ अभी हिमालय की तलहटी के पास स्थित है, लेकिन आने वाले दिनों में यह दक्षिण की ओर खिसकेगी। इसके चलते बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में 1 से 4 जुलाई के बीच भारी बारिश (Heavy Rain Alert North India) की संभावना है। प्रशासन ने कई इलाकों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
मानसून सिस्टम और मौसम विज्ञान की भूमिका
मॉनसून ट्रफ एक लंबा निम्न दबाव क्षेत्र होता है जो अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी खींचकर भारत के विभिन्न हिस्सों में बारिश कराता है। यह सिस्टम भारतीय मानसून का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है और देश की कृषि व जल व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ता है।

