Mobile tariffs to go up by 20 in june 2026: मोबाइल यूजर्स के लिए बुरी खबर है। दूरसंचार कंपनियां जून 2026 से टैरिफ में 20% तक की बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं। रिलायंस जियो (Reliance Jio), भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और वोडाफोन-आइडिया (Vodafone Idea) ने अलग-अलग बयानों और रिपोर्ट्स में इसकी ओर इशारा किया है। इस बढ़ोतरी से आम यूजर की जेब पर 150 से 300 रुपये तक का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
कंपनियों ने क्यों बढ़ाने का फैसला लिया?
दूरसंचार कंपनियों का कहना है कि पिछले 5 सालों में टैरिफ नहीं बढ़ा है, जबकि इनपुट कॉस्ट में काफी इजाफा हुआ है। मुख्य वजहें:
- 5G नेटवर्क का विस्तार और मेंटेनेंस में भारी खर्च
- स्पेक्ट्रम और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता निवेश
- महंगाई और ऑपरेशनल खर्च में वृद्धि
- एआरपीयू (Average Revenue Per User) अभी भी बहुत कम है (भारत में औसतन ₹150-170 प्रति माह)
एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल ने हाल ही में कहा था कि “टैरिफ में बढ़ोतरी जरूरी है, अन्यथा 5G का विस्तार रुक जाएगा।” जियो और वोडाफोन-आइडिया ने भी इसी तरह की बात कही है।
कितनी बढ़ोतरी हो सकती है?
- सस्ते प्लान (₹149-₹249): 15-20% बढ़ोतरी
- मिड-रेंज प्लान (₹299-₹499): 18-22% बढ़ोतरी
- हाई-एंड प्लान (₹666-₹2999): 20-25% तक बढ़ोतरी
उदाहरण के तौर पर:
- जियो का ₹239 वाला प्लान अब ₹299-₹319 हो सकता है।
- एयरटेल का ₹299 वाला प्लान ₹359-₹379 तक जा सकता है।
- वोडाफोन-आइडिया का ₹299 वाला प्लान भी 20% ऊपर जा सकता है।
यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?
- औसत यूजर की मासिक बिल में ₹50 से ₹300 तक का इजाफा हो सकता है।
- डेटा यूजर्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा, क्योंकि 5G पैक महंगे होंगे।
- ग्रामीण इलाकों में जहां डेटा यूज कम है, वहां बढ़ोतरी का असर कम होगा।
TRAI (Telecom Regulatory Authority of India) ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक कंपनियां TRAI से बात कर रही हैं। सरकार का कहना है कि टैरिफ बढ़ोतरी कंपनियों का व्यावसायिक फैसला है, लेकिन यह “उचित और पारदर्शी” होना चाहिए।
