MNREGA scam in Rewa: रीवा जिले की जनपद पंचायत त्योंथर के अंतर्गत ग्राम पंचायत अमिलिया में मनरेगा योजना के तहत बड़ा घोटाला सामने आया है। नाबालिग छात्र के नाम पर फर्जी जॉब कार्ड और मस्टर रोल तैयार कर सरकारी राशि निकालने का मामला उजागर हुआ है। आरोप ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक पर लगे हैं।
आरटीआई के माध्यम से सूचना मांगने पर यह खुलासा हुआ। मामले में कक्षा 12वीं के नियमित विद्यार्थी उत्कर्ष मिश्रा नामक नाबालिग छात्र का नाम मस्टर रोल में दर्ज पाया गया। दस्तावेजों के अनुसार, छात्र की स्कूल अटेंडेंस रजिस्टर में नियमित उपस्थिति दर्ज है, जबकि मनरेगा रिकॉर्ड में उसे मजदूरी करने और भुगतान प्राप्त करने वाला दिखाया गया है।
ग्रामीणों और शिकायतकर्ता ललित मिश्रा का आरोप है कि सरपंच वेद प्रकाश मिश्रा, सचिव राजेंद्र प्रसाद तिवारी और रोजगार सहायक सुनील गौतम ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। न केवल नाम जोड़ा गया, बल्कि जॉब कार्ड नंबर और मस्टर रोल क्रमांक तक बनाए गए, ताकि भुगतान प्रक्रिया वैध दिखाई दे।
ग्रामीणों ने बताया कि यह पहला ऐसा मामला नहीं है। इससे पहले भी अमिलिया पंचायत में कई गड़बड़ियों के आरोप लग चुके हैं, जिसमें एक तालाब का कागजों में बनकर ‘गायब’ होना भी शामिल है। शिकायतकर्ता का कहना है कि सरपंच वेद प्रकाश मिश्रा भाजपा के मंडल अध्यक्ष होने के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पूरी घटना तब सामने आई जब ललित मिश्रा ने सूचना के अधिकार के तहत दस्तावेज मांगे। स्कूल रिकॉर्ड और मनरेगा भुगतान रिकॉर्ड में स्पष्ट अंतर सामने आया। रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्र को हितग्राही बनाकर राशि निकाली गई है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जॉब कार्ड से लेकर भुगतान तक कई स्तरों की प्रक्रिया होती है। यदि जांच में भ्रष्टाचार या गड़बड़ी साबित होती है, तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
