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मैहर में प्रभारी मंत्री राधा सिंह ने ‘अध्यक्ष पति’ संस्कृति पर सरेआम कसा तंज, ठहाकों के बीच दी बड़ी नसीहत

Minister in-charge in Maihar Radha Singh publicly took a jibe at the 'President's husband' culture.Minister in-charge in Maihar Radha Singh publicly took a jibe at the 'President's husband' culture.

Minister in-charge in Maihar Radha Singh publicly took a jibe at the 'President's husband' culture.

मैहर। मध्य प्रदेश सरकार की महिला सशक्तिकरण की मुहिम के बीच मैहर से एक बेहद दिलचस्प और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना वाकया सामने आया है। पटेहरा वार्ड-4 स्थित शासकीय प्राथमिक शाला परिसर में आयोजित एक आंगनवाड़ी केंद्र के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान सूबे की प्रभारी मंत्री राधा सिंह ने मंच से ही ‘अध्यक्ष पति’ (AP) संस्कृति पर करारा प्रहार किया। उन्होंने मंच पर मौजूद नगरपालिका अध्यक्ष गीता सोनी के पति संतोष सोनी को सरेआम नसीहत देते हुए साफ लफ्जों में कहा कि जब सरकार महिलाओं को नेतृत्व देने के लिए आगे ला रही है, तो उनके पतियों को उनकी जगह कमान नहीं संभालनी चाहिए।

यह पूरा माजरा उस समय शुरू हुआ जब प्रभारी मंत्री राधा सिंह मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों का परिचय करवा रही थीं। इसी दौरान जैसे ही उन्होंने संतोष सोनी की तरफ इशारा करते हुए “यहां उपस्थित नगर परिषद के…” कहा, तो संतोष सोनी ने मुस्कुराते हुए बीच में टोक दिया, “कुछ और बोल दीजिए।” इस पर मंत्री ने भी चुटकी लेते हुए पूछा, “क्योंकि हम सरपंच के पति को क्या बोलते हैं?” संतोष सोनी के यह कहने पर कि “आपको तो पूरा अनुभव है”, पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा। लेकिन हंसी-मजाक के इस माहौल के बीच मंत्री ने महिलाओं के वास्तविक अधिकार को लेकर बेहद गंभीर और बड़ा संदेश दे डाला।

प्रभारी मंत्री ने संतोष सोनी की तरफ मुखातिब होते हुए दो टूक कहा, “हम तो महिलाओं को आगे लाना चाहते हैं, लेकिन आप लोग फिर उन्हें पीछे कर देते हैं, यह गड़बड़ है।” उन्होंने खुद का उदाहरण पेश करते हुए एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया और कहा कि अगर वे खुद मंत्री हैं और अपने पतिदेव को प्रभारी जिले का काम संभालने के लिए भेज दें, तो यह पूरी तरह गलत होगा। उन्होंने नसीहत भरे लहजे में कहा, “ऐसा हमारी बहन के साथ मत करिए। सरकार ने उन्हें बाहर निकाला है, तो उन्हें बाहर आने दीजिए और उनके पद की जिम्मेदारी उन्हें खुद निभाने दीजिए।”

कलेक्टर, एसपी, मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल सहित तमाम आला अधिकारियों और दिग्गज जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुए इस वाकये की चर्चा अब पूरे प्रदेश में है। मंच से मिले मंत्री के इस कड़े लेकिन व्यावहारिक संदेश का वहां मौजूद जनता ने तालियां बजाकर पुरजोर स्वागत किया, जिसने एक बार फिर आरक्षित पदों पर पतियों के बढ़ते दखल पर एक जरूरी बहस छेड़ दी है।

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