MP Rajya Sabha Election 2026: मध्य प्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन (Rajya Sabha Nomination) रद्द होने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस पूरी कार्रवाई को “मिलीभगत की चोरी” (Alleged Collusion) बताते हुए राज्य सरकार, चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। वहीं भाजपा ने दिग्विजय सिंह के बयान को न्यायपालिका (Judiciary) का अपमान करार देते हुए उन पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि नटराजन के खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है और पार्टी इस मुद्दे पर कानूनी व राजनीतिक लड़ाई (Legal & Political Battle) जारी रखेगी।
MP Rajya Sabha Election 2026: मध्य प्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार (Rajya Sabha Candidate) मीनाक्षी नटराजन (Meenakshi Natarajan) का नामांकन रद्द होने के बाद शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब बड़े टकराव में बदल गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने इस मामले को लेकर सरकार, चुनाव आयोग और न्यायपालिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दिग्विजय सिंह के बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति (Political Controversy) में नया घमासान शुरू हो गया है। वहीं भाजपा ने इसे संवैधानिक संस्थाओं (Constitutional Institutions) पर हमला बताते हुए कांग्रेस पर पलटवार किया है।
दिग्विजय सिंह ने लगाया साजिश का आरोप
मीडिया से चर्चा करते हुए दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को पूरे घटनाक्रम को एक सुनियोजित राजनीतिक रणनीति (Political Strategy) करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Election) की दौड़ से बाहर करने के लिए पूरा घटनाक्रम पहले से तय योजना के तहत हुआ। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई में देरी और चुनाव आयोग से राहत नहीं मिलने पर नाराजगी जाहिर की। दिग्विजय सिंह का कहना था कि जब अदालत को पता था कि तय समय के बाद याचिका का असर खत्म हो जाएगा, तो सुनवाई उसी दिन होनी चाहिए थी।
भाजपा उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत
कांग्रेस जहां कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ रही थी, वहीं दूसरी ओर समय सीमा पूरी होने के साथ ही भाजपा ने मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज कर ली। भाजपा उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल, तरुण चुघ और महेश केवट को चुनाव जीतने के प्रमाण पत्र (Election Certificate) सौंप दिए गए। इसके साथ ही राज्यसभा चुनाव का परिणाम (Election Result) आधिकारिक रूप से तय हो गया।
भाजपा ने दिग्विजय सिंह के बयान पर जताई आपत्ति
दिग्विजय सिंह के आरोपों के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने न्यायपालिका (Judiciary) को लेकर ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया है, जो बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। जब भी फैसले उनके पक्ष में नहीं आते, तब कांग्रेस संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है। सारंग ने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट को इस बयान का संज्ञान लेना चाहिए और उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं: विधायक रामेश्वर शर्मा
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा (BJP MLA Rameshwar Sharma) ने भी दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह एक अनुभवी राजनेता हैं और लंबे समय तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। ऐसे में न्यायपालिका के लिए इस तरह की टिप्पणी करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पदों पर रहे नेताओं को संस्थाओं की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
जानें पूरा मामला?
पूरा विवाद कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन (Nomination Issue) से जुड़ा है। आरोप लगाया गया कि उन्होंने एक लंबित अदालती मामले की जानकारी नामांकन पत्र में नहीं दी, जिसके बाद उनका नामांकन रद्द कर दिया गया।
कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए विरोध किया है। पार्टी का कहना है कि नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है और उन्हें गलत आधार पर चुनाव प्रक्रिया से बाहर किया गया।

