बांग्लादेश में खसरे (Measles Outbreak in Bangladesh) ने गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले लिया है। देश में खसरे से मरने वालों की संख्या 600 के पार पहुंच चुकी है, जबकि 74 हजार से ज्यादा संदिग्ध मामले सामने आए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित 5 साल से कम उम्र के बच्चे हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2024-25 के दौरान बांग्लादेश में MR (Measles-Rubella) वैक्सीन की कमी और टीकाकरण अभियान में आई रुकावटों की वजह से बड़ी संख्या में बच्चे संक्रमण के प्रति असुरक्षित रह गए। यही कारण है कि खसरा तेजी से फैलता चला गया।
क्या है खसरा (Measles)?
खसरा एक बेहद संक्रामक वायरल बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस लेने से फैलती है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह बीमारी COVID-19 और चिकनपॉक्स से भी अधिक तेजी से फैल सकती है।
बच्चों में खसरे के शुरुआती लक्षण
खसरे के वायरस के संपर्क में आने के 7 से 14 दिन बाद लक्षण दिखाई देने लगते हैं। शुरुआती संकेतों में शामिल हैं:
- तेज बुखार
- लगातार खांसी
- नाक बहना
- आंखों का लाल होना और पानी आना
- मुंह के अंदर गालों पर छोटे सफेद धब्बे
इन लक्षणों के 4 से 7 दिन बाद शरीर पर लाल दाने निकलने लगते हैं, जो आमतौर पर चेहरे और गर्दन से शुरू होकर पूरे शरीर में फैल जाते हैं।
क्यों खतरनाक है खसरा?
डॉक्टरों के मुताबिक खसरा शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immunity) को कमजोर कर देता है। इसके कारण कई गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं, जैसे:
- निमोनिया
- दिमाग में सूजन (Encephalitis)
- गंभीर दस्त और डिहाइड्रेशन
- कान का संक्रमण
- आंखों की रोशनी प्रभावित होना
इन्हीं जटिलताओं के कारण खसरे से मौत का खतरा बढ़ जाता है, खासकर छोटे बच्चों में।
क्या है इलाज?
खसरे की कोई विशेष एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। इलाज मुख्य रूप से लक्षणों को नियंत्रित करने, पर्याप्त आराम देने और जटिलताओं को रोकने पर आधारित होता है। अधिकांश मरीज 10 से 15 दिनों में ठीक हो जाते हैं।
चाव का सबसे असरदार तरीका
विशेषज्ञों का कहना है कि खसरे से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका टीकाकरण है। बच्चों को MMR (Measles, Mumps, Rubella) वैक्सीन की दो डोज लगवाना जरूरी है।
- पहली डोज: 9 से 12 महीने की उम्र में
- दूसरी डोज: 15 से 18 महीने की उम्र में
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, MMR वैक्सीन खसरे से 99 प्रतिशत तक सुरक्षा प्रदान कर सकती है।

