Mauganj MLA Pradeep Patel sat on strike: मऊगंज जिले में एक पुराने जमीन विवाद ने शुक्रवार रात को गंभीर रूप ले लिया। मऊगंज थाना क्षेत्र के बराब मोड़ पर नेशनल हाईवे-135 के किनारे चल रहे विवाद में स्थानीय विधायक प्रदीप पटेल एक पक्ष के समर्थन में धरने पर बैठ गए। इससे नाराज दूसरे पक्ष के सैकड़ों लोग जुट गए और विधायक के खिलाफ “मुर्दाबाद” के नारे लगाने लगे। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने हस्तक्षेप कर विधायक को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।
जानकारी के मुताबिक विवाद लल्लू पांडे और विनोद खोडबानी के बीच लंबे समय से चल रहा है। दोनों पक्ष आपस में बातचीत कर रहे थे, तभी रात करीब 9 बजे विधायक प्रदीप पटेल मौके पर पहुंचे। आरोप है कि वे विनोद खोडबानी के पक्ष में धरने पर बैठ गए और कथित अतिक्रमण हटाने की मांग करने लगे। इससे भड़का दूसरा पक्ष लल्लू पांडे की तरफ से बड़ी संख्या में लोग जुट गया। भीड़ ने विधायक के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगा कि विधायक के इशारे पर पुलिस एक पक्षकार को हिरासत में लेने लगी, जिससे माहौल और बिगड़ गया। नेशनल हाईवे पर जाम जैसी स्थिति बन गई। एक पक्षकार लल्लू पांडे ने आत्मदाह की चेतावनी भी दी। लगभग दो घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला और विधायक को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
दोनों पक्षों के दावे
- विनोद खोडबानी पक्ष: जमीन उनकी पुश्तैनी है और वे इसके पट्टेदार हैं। कब्जे की कोशिश दौरान धमकियां मिलीं, इसलिए विधायक को सूचना दी। विधायक केवल शांति बनाए रखने आए थे।
- लल्लू पांडे पक्ष: यह निजी विवाद है और विधायक की दखलअंदाजी अनुचित है। कुछ आरोपों में विधायक पर एक पक्ष को जमीन कब्जाने का ऑफर देने और 10 लाख रुपए की मांग करने का भी जिक्र किया गया।
विधायक ने कहा धरने पर बैठने की बात गलत
विधायक ने सभी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि वे केवल विवाद और टकराव रोकने तथा शांति बनाए रखने के लिए मौके पर पहुंचे थे। किसी एक पक्ष का समर्थन करने या धरने पर बैठने की बात गलत है। विधायक ने स्पष्ट किया कि जमीन जिसकी वैध होगी, प्रशासन और न्यायालय उसी के अनुसार कार्रवाई करेगा। मामला तहसीलदार स्तर पर लंबित है और कोर्ट का फैसला सभी को मानना होगा। 10 लाख रुपए की मांग जैसे आरोपों को उन्होंने पूरी तरह झूठा और निराधार बताया।

