मैहर। जिले के अमरपाटन में सोमवार को शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं और युवाओं ने एक बड़ा मोर्चा खोला। प्रदर्शनकारी छात्रों ने देश के जाने-माने सामाजिक व जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में खड़े होते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान युवाओं ने देश की वर्तमान शिक्षा प्रणाली, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
हाथों में तख्तियां लेकर दो घंटे तक चला प्रदर्शन
अमरपाटन के रामनगर रोड चौराहा स्थित संदीपनी विद्यालय के सामने बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा इकट्ठा हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में विभिन्न मांगों और नारों से लिखी तख्तियां थीं। छात्रों ने बेहद आक्रामक लेकिन शांतिपूर्ण ढंग से “इस्तीफा तो तुमको देना होगा, वरना रोज धरना होगा” के नारे लगाए। युवाओं का कहना था कि सरकार को छात्रों के भविष्य और उनकी समस्याओं को लेकर अब गंभीरता दिखानी होगी, क्योंकि बार-बार होने वाली गड़बड़ियों से युवाओं का मनोबल टूट रहा है।
तहसीलदार को सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
चौराहे पर करीब दो घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद, आंदोलनकारी छात्रों ने स्थानीय तहसीलदार आर.डी. साकेत को माननीय राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से छात्रों ने मांग की है कि देश की शिक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए, प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए ताकि मेधावी छात्रों के हितों की रक्षा हो सके। साथ ही, परीक्षा प्रणालियों में आ रही विफलताओं की जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को भी पुरजोर तरीके से सरकार तक पहुंचाने का आग्रह किया गया।
प्रशासन रहा अलर्ट, शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ आंदोलन
छात्रों के इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी की। राहत की बात यह रही कि दो घंटे चले इस पूरे आंदोलन के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना या हंगामे की खबर नहीं आई और छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद की।

