रायसेन/रीवा | मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा होते-होते टल गया। इंदौर से रीवा जा रही ‘जय भवानी ट्रेवल्स’ की एक यात्री बस बम्हौरी ढाबे के पास आग का गोला बन गई। बस में सवार करीब 50 यात्रियों ने सूझबूझ और ढाबा कर्मचारियों की मदद से कूदकर अपनी जान बचाई। हालांकि, यात्रियों का कीमती सामान जलकर राख हो गया है।
घटना मंगलवार रात करीब 1:30 बजे की है। बताया जा रहा है कि बस लगभग 100 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ रही थी, तभी अचानक उसका एक टायर फट गया। टायर फटने से निकली चिंगारियों ने तुरंत विकराल रूप ले लिया।
पीछे से आ रहे एक ट्रक चालक ने बस के पिछले हिस्से में लपटें देख चालक को रुकने का इशारा किया। जब बस नहीं रुकी, तो ट्रक चालक ने अपनी गाड़ी बस के आगे लगाकर उसे रुकने पर मजबूर किया। बस रुकते ही उसमें धमाके के साथ आग फैल गई और डीजल सड़क पर बहने से चारों ओर लपटें उठने लगीं।
मदद के लिए आगे आए ढाबा कर्मी
हादसे के दौरान बस में चीख-पुकार मच गई। कई यात्री खिड़कियों से कूदकर बाहर निकले। मौके पर मौजूद बम्हौरी ढाबा संचालक बंटी खालसा और उनके कर्मचारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
अस्थियां लेकर जा रहा परिवार भी था सवार
हृदयविदारक बात यह है कि इस बस में इंदौर का एक परिवार भी सवार था, जो हाल ही में पतंग के मांझे से जान गंवाने वाले रघुवीर धाकड़ की अस्थियां लेकर प्रयागराज जा रहा था। इस हादसे में परिवार सुरक्षित है, लेकिन उनका सारा सामान जल गया।
प्रशासनिक लापरवाही और चालक की फरारी
हादसे के बाद बस का ड्राइवर और क्लीनर मौके से फरार हो गए। यात्रियों ने आरोप लगाया कि:
- फायर ब्रिगेड की देरी: सूचना देने के करीब एक घंटे बाद दमकल की गाड़ी पहुंची, तब तक बस पूरी तरह खाक हो चुकी थी।
- वैकल्पिक व्यवस्था का अभाव: बस कंपनी द्वारा दूसरी बस की व्यवस्था न किए जाने के कारण यात्री कड़कड़ाती ठंड में रात भर सड़क पर परेशान होते रहे।
पुलिस जांच जारी
घटना की सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा। प्रारंभिक जांच में आग का कारण टायर फटना और घर्षण से निकली चिंगारियां बताई जा रही हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार चालक और क्लीनर की तलाश शुरू कर दी है।
