सिंगरौली: जिले के सरई थाना अंतर्गत निवास चौकी क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक बड़ा अग्निकांड सामने आया है। यहाँ कैलाश मोटर्स के एक बड़े गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। रात करीब 2 बजे लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं और धुएं का गुबार इतना ऊँचा था कि वह दूर-दूर से साफ दिखाई दे रहा था। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और प्रशासनिक अमले को दी।
देर से पहुंची दमकल, स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
सूचना मिलते ही निवास चौकी और सरई थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई, लेकिन स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और प्रभावित पक्ष का आरोप है कि सरकारी दमकल वाहन समय पर मौके पर नहीं पहुंच सके। दमकल विभाग की इस लेत-लतीफी और देरी के कारण आग लगातार फैलती चली गई। गोदाम में टायर, ऑयल और गाड़ियों के पार्ट्स होने के कारण आग ने और तेजी पकड़ ली, जिससे वहां रखा करोड़ों रुपये का कीमती सामान देखते ही देखते जलकर पूरी तरह खाक हो गया। इस घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की आपातकालीन व्यवस्था और समय पर दमकल उपलब्ध न होने पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
औद्योगिक कंपनियों की दमकल से 2 घंटे में बुझी आग
सरई थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह भदौरिया ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि रात करीब 2 बजे आगजनी की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर सक्रिय हो गया था। स्थिति की गंभीरता और सरकारी दमकलों की अनुपलब्धता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और आसपास संचालित निजी औद्योगिक कंपनियों की दमकल गाड़ियों को मदद के लिए मौके पर बुलाया। इसके बाद निजी फायर ब्रिगेड की गाड़ियों और पुलिस व स्थानीय लोगों की मदद से करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
करोड़ों के नुकसान की आशंका, जांच में जुटी पुलिस
थाना प्रभारी के मुताबिक, इस भीषण आगजनी में गोदाम के अंदर रखा बड़ी मात्रा में वाहन संबंधी (ऑटो पार्ट्स) सामान और अन्य सहायक सामग्री पूरी तरह नष्ट हो गई है। हालांकि, नुकसान का वास्तविक और सटीक आकलन अभी प्रशासनिक टीम द्वारा किया जा रहा है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के अनुसार यह क्षति करोड़ों रुपये में हो सकती है। आग लगने के सटीक कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम मामले की बारीकी से जांच कर रही है कि यह हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। वहीं, पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से तत्काल उचित सहायता और मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।

