मध्य प्रदेश के सतना जिले के कामता टोला इलाके में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया, जब पन्नी कारोबारी विपिन गुप्ता के तीन मंजिला मकान की ऊपरी मंजिल पर अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें और काले धुएं का गुबार इतनी तेजी से फैला कि देखते ही देखते पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। इस दौरान घर की ऊपरी मंजिल पर दो बच्चे, दो महिलाएं और घर में काम करने वाला एक व्यक्ति समेत कुल 5 लोग फंस गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों, पुलिस और फायर टीम की सूझबूझ से सकुशल बाहर निकाल लिया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, प्रशासन और नगर निगम की टीमें तीन दमकल गाड़ियों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचीं। आग लगने के बाद परिवार के कुछ सदस्य तो नीचे उतर आए थे, लेकिन दो बच्चे छत पर फंस गए थे जिन्हें आसपास के लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं दूसरी मंजिल पर फंसे अनिल कुशवाहा, पूजा सोंधिया, कमल सोंधिया और अन्य को पुलिस व सुरक्षा टीम ने सीढ़ी की मदद से रेस्क्यू किया। एहतियात के तौर पर बचाए गए लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
आग बुझाने के दौरान राहत कार्यों में कुछ तकनीकी बाधाएं भी आईं। दमकल गाड़ियों के मौके पर पहुंचने के बाद जब कर्मियों ने ऊपरी मंजिल तक पानी डालने का प्रयास किया, तो फायर वाहन का हाइड्रोलिक सिस्टम खराब होने के कारण हाइड्रोलिक नहीं खुल पाया, जिससे ऊपर तक पहुंचने में शुरुआती परेशानी हुई। इसके बावजूद दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। भीषण गर्मी और लपटों के कारण मकान की दीवारों में कई जगहों पर गहरी दरारें आ गईं हैं।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तुरंत एहतियात बरती। एसडीएम राहुल सिलाडिया, तहसीलदार सौरभ मिश्रा, सिटी कोतवाली पुलिस और नगर निगम की टीम ने मौके पर मोर्चा संभाला। एसडीएम ने खुद अनाउंसमेंट कर आसपास के लोगों को घटनास्थल से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की, साथ ही संभावित खतरे को देखते हुए पड़ोसी मकानों को भी खाली करवा लिया गया।
प्रारंभिक जांच और कयासों के मुताबिक, आग लगने की मुख्य वजह दोपहर करीब 1:15 बजे एसी में हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। मकान में तंबाकू का काम भी किए जाने की बात सामने आई है, जिस पर नगर निगम की फायर सेफ्टी टीम और प्रशासनिक अधिकारी आग लगने के वास्तविक कारणों और कुल नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं।

