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Martyrs’ Day 2026: महात्मा गांधी के ये 10 अनमोल विचार जो आज भी देते हैं प्रेरणा

Artistic portrait of Mahatma Gandhi with Indian flag background for Martyrs' Day 2026.

Mahatma Gandhi Portrait for Martyrs' Day Jan 30

भारत में हर साल 30 जनवरी का दिन Martyrs’ Day 2026 (शहीद दिवस) के रूप में मनाया जाता है। यह दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि का प्रतीक है, जिनकी 1948 में आज ही के दिन हत्या कर दी गई थी। यह अवसर न केवल बापू को याद करने का है, बल्कि उन सभी वीर सपूतों को नमन करने का है जिन्होंने देश की आजादी और सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

शहीद दिवस का महत्व और बापू की विरासत

30 जनवरी का दिन भारतीय इतिहास में एक गहरी रिक्तता और संकल्प का दिन है। साल 1948 में नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी। तब से पूरा देश इस दिन को बापू के बलिदान और उनके शांतिपूर्ण संघर्ष को याद करने के लिए मनाता है। हालांकि, यह दिन केवल गांधी जी तक सीमित नहीं है। यह सीमा पर तैनात जवानों और स्वतंत्रता संग्राम के उन गुमनाम नायकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी माध्यम है, जिनकी वजह से आज हम एक स्वतंत्र लोकतंत्र में सांस ले रहे हैं।

Mahatma Gandhi Portrait for Martyrs’ Day Jan 30

सत्य और अहिंसा का शाश्वत मार्ग

गांधी जी का मानना था कि हिंसा से प्राप्त की गई जीत अस्थायी होती है, जबकि अहिंसा और सत्य पर आधारित मार्ग स्थायी परिवर्तन लाता है। आज के दौर में, जब दुनिया वैचारिक मतभेदों और संघर्षों से जूझ रही है, बापू के सिद्धांत और भी प्रासंगिक हो जाते हैं। उनके विचार हमें सिखाते हैं कि साहस का अर्थ शस्त्र उठाना नहीं, बल्कि सत्य पर अडिग रहना है।

Martyrs’ Day 2026: महात्मा गांधी के 10 प्रेरक विचार

महात्मा गांधी के ये विचार आज भी हर भारतीय के दिल में राष्ट्रवाद की अलख जगाते हैं:

  1. देशभक्ति पर: “मेरी देशभक्ति अनन्य नहीं है। इसमें सबको समाहित करने की शक्ति है। मैं उस देशभक्ति को स्वीकार नहीं करता जो अन्य राष्ट्रों के शोषण या संकट पर टिकी हो।”
  2. सत्य की शक्ति: “सत्य एक विशाल वृक्ष की तरह है, जिसे आप जितना सींचेंगे, वह उतना ही फल देगा। केवल सत्य ही टिका रहेगा, बाकी सब समय की धारा में बह जाएगा।”
  3. राष्ट्रीय एकता: “भारत के विभिन्न धर्मों और समुदायों के बीच एकता राष्ट्रीय जीवन के जन्म के लिए अनिवार्य है।”
  4. बलिदान का अर्थ: “मृत्यु किसी भी समय धन्य है, लेकिन उस योद्धा के लिए यह दोहरी धन्य है जो अपने लक्ष्य यानी सत्य के लिए मरता है।”
  5. हार और जीत: “नायक हार की घड़ी में बनते हैं। इसलिए सफलता को शानदार हारों की एक श्रृंखला के रूप में वर्णित किया जाता है।”
  6. अहिंसा का धर्म: “अहिंसा सर्वोच्च कर्तव्य है। यदि हम इसका पूर्ण अभ्यास नहीं कर सकते, तो हमें इसकी भावना को समझना चाहिए और हिंसा से बचना चाहिए।”
  7. लोकतंत्र और विचार: “लोकतंत्र का अर्थ अनिवार्य रूप से विचारों और इच्छाओं का संघर्ष है, जिसमें कभी-कभी अलग-अलग विचारों के बीच कड़ा मुकाबला भी शामिल होता है।”
  8. क्षमाशीलता: “क्षमा वीरों का गुण है, कायरों का नहीं। कमजोर कभी क्षमा नहीं कर सकता; क्षमा केवल बलवानों की विशेषता है।”
  9. स्वतंत्रता का मार्ग: “किसी राष्ट्र की स्वतंत्रता केवल व्यक्तिगत वीरता के कार्यों से नहीं जीती जा सकती, इसके लिए सामूहिक संकल्प की आवश्यकता होती है।”
  10. आत्मनिर्भर भारत: “भारत अपने शोषण और विदेशी प्रभुत्व में एक असहाय भागीदार नहीं बनेगा।”

राष्ट्र के प्रति हमारा कर्तव्य

शहीद दिवस हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि हम अपने देश के निर्माण में क्या योगदान दे रहे हैं। बापू ने जिस ‘रामराज्य’ की कल्पना की थी, वह केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं बल्कि एक नैतिक समाज था। आज जब हम Martyrs’ Day 2026 मना रहे हैं, तो हमें उनके बताए सत्य और सद्भाव के रास्ते पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।

श्रद्धांजलि और मौन

नियम के अनुसार, इस दिन सुबह 11 बजे पूरे देश में दो मिनट का मौन रखा जाता है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति राजघाट पर गांधी जी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित करते हैं। यह मौन उन शहीदों के प्रति सम्मान का प्रतीक है जिन्होंने भारत के भविष्य के लिए अपना वर्तमान त्याग दिया।

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