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Mardaani 3 Review: रानी मुखर्जी की दमदार वापसी, जानें कैसी है फिल्म

Rani Mukerji as Shivani Roy in a gritty scene from Mardaani 3 movie.Rani Mukerji as Shivani Roy in a gritty scene from Mardaani 3 movie.

Mardaani 3 Film Review Still

बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी की चर्चित फ्रैंचाइज़ी ‘मर्दानी’ का तीसरा हिस्सा सिनेमाघरों और चर्चाओं में अपनी जगह बना चुका है। Mardaani 3 Review की बात करें तो यह फिल्म एक बार फिर समाज की गहरी कुरीतियों पर प्रहार करती है। निर्देशक अभिराज मिनावाला के निर्देशन में बनी यह फिल्म शिवानी शिवाजी रॉय की निडरता और उनके काम करने के ‘बिज़नेस-लाइक’ अंदाज़ को केंद्र में रखती है।

यशराज फिल्म्स की ‘मर्दानी’ सीरीज हमेशा से ही अपनी संवेदनशीलता और कड़े एक्शन के लिए जानी जाती रही है। इस बार कहानी का फलक मुंबई से बढ़कर दिल्ली तक जा पहुँचा है। फिल्म की शुरुआत बिना किसी तामझाम के सीधे मुख्य मुद्दे से होती है, जो दर्शकों को तुरंत कहानी से जोड़ लेती है।

Rani Mukerji as Shivani Roy in a gritty scene from Mardaani 3 movie

एनआईए ऑफिसर के रूप में शिवानी की नई चुनौती

फिल्म की कहानी में शिवानी शिवाजी रॉय (रानी मुखर्जी) अब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) में शामिल हो चुकी हैं। उनका मिशन एक राजनयिक की बेटी और उसके साथ किडनैप हुई एक घरेलू सहायिका की बेटी को ढूंढना है। Mardaani 3 Review के तकनीकी पहलुओं को देखें तो फिल्म की गति (pacing) काफी तेज है। 137 मिनट की यह फिल्म कहीं भी बोझिल नहीं लगती और दर्शकों का ध्यान बांधे रखती है।

विलेन और सपोर्टिंग कास्ट का प्रदर्शन

इस बार शिवानी का मुकाबला ‘अम्मा’ (मल्लिका प्रसाद) नाम की एक खतरनाक मानव तस्कर से है। फिल्म में विलेन के किरदार को काफी क्रूर दिखाया गया है, जो शिवानी के रफ-एंड-टफ रवैये को न्यायसंगत ठहराता है। सहायक भूमिकाओं में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में प्रजेश कश्यप और पुलिस कांस्टेबल फातिमा के रोल में जानकी बोडीवाला ने अच्छा काम किया है। शिवानी का अपने सहकर्मियों के साथ तालमेल फिल्म को धरातल पर रखता है।

फिल्म का स्क्रीनप्ले आयुष गुप्ता, दीपक किंगरानी और बलजीत सिंह मारवाह ने मिलकर लिखा है। संवादों में शिवानी के मराठी मूल की झलक (जैसे ‘चैला’ शब्द का उपयोग) पुरानी यादों को ताजा करती है। हालांकि, फिल्म के कुछ दृश्य कानूनी प्रक्रियाओं से परे जाकर ‘सिनेमैटिक लिबर्टी’ लेते दिखते हैं, लेकिन फ्रैंचाइज़ी के इतिहास को देखते हुए प्रशंसक इसे स्वीकार कर सकते हैं।

रानी मुखर्जी: फिल्म की असली जान

रानी मुखर्जी ने एक बार फिर साबित किया है कि शिवानी शिवाजी रॉय का किरदार उनसे बेहतर कोई नहीं निभा सकता। सादे पहनावे और चेहरे पर अटूट संकल्प लिए रानी पूरी फिल्म को अपने कंधों पर टिकाए रखती हैं। फिल्म यह दिखाने में सफल रही है कि कैसे एक महिला अधिकारी अपने व्यक्तिगत जीवन और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाती है, भले ही इसके लिए उसे बड़ी कीमत चुकानी पड़े।

Mardaani 3 Film

आज के दौर में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स महिला पुलिस अधिकारियों की कहानियों से भरे हुए हैं। ऐसे में ‘मर्दानी 3’ यह याद दिलाती है कि शिवानी शिवाजी रॉय इस जॉनर की अग्रदूत रही हैं। फिल्म का निर्देशन प्रभावी है और यह एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश देने के साथ-साथ मनोरंजन का कोटा भी पूरा करती है।

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