Mani Shankar Aiyar Hindutva remark draws sharp BJP backlash

Mani Shankar Aiyar speaking at a public event amid Hindutva remark controversy

Mani Shankar Aiyar Hindutva remark को लेकर सोमवार को सियासी विवाद तेज हो गया। कांग्रेस नेता मणि शंकर अय्यर के बयान पर भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं ने तीखी आपत्ति जताई और इसे हिंदू धर्म व हिंदुत्व के खिलाफ बताया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Mani Shankar Aiyar के हालिया बयान ने राजनीतिक हलकों में तीखी बहस को जन्म दिया है। कोलकाता में आयोजित एक सार्वजनिक चर्चा कार्यक्रम में अय्यर ने हिंदुत्व को लेकर टिप्पणी की, जिसके बाद बीजेपी नेताओं की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह बयान न केवल हिंदुत्व की विचारधारा को गलत संदर्भ में प्रस्तुत करता है, बल्कि कांग्रेस की वैचारिक सोच को भी उजागर करता है। पार्टी नेताओं ने इसे हिंदू समाज के प्रति असंवेदनशील करार दिया।

Mani Shankar Aiyar Hindutva remark पर बीजेपी की आपत्ति

तमिलनाडु बीजेपी नेता Narayanan Thirupathy ने कहा कि मणि शंकर अय्यर की सोच औपनिवेशिक मानसिकता से प्रभावित है। उनके अनुसार हिंदुत्व एक समावेशी अवधारणा है, जबकि हिंदू धर्म को जीवन पद्धति के रूप में देखा जाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि अय्यर को हिंदू दर्शन पर टिप्पणी करने से पहले भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और आधुनिक विचारकों के विचारों को समझना चाहिए। बीजेपी नेता ने कांग्रेस पर भी हिंदू विरोधी रुख अपनाने का आरोप लगाया।

Senior Congress leader Mani Shankar Aiyar during an event as his Hindutva remarks spark backlash

सीआर केसवन की तीखी प्रतिक्रिया

बीजेपी नेता CR Kesavan ने भी अय्यर के बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कांग्रेस और उसके नेताओं से सार्वजनिक माफी की मांग की। उनके अनुसार हिंदुत्व और हिंदू धर्म को विभाजनकारी बताना तथ्यात्मक रूप से गलत है।

केसवन ने कहा कि हिंदुत्व समानता और एकता की बात करता है, जबकि कांग्रेस की राजनीति अक्सर विभाजन और तुष्टिकरण पर आधारित रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता हिंदू धर्म पर बयान देकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करते हैं।

प्रधानमंत्री और वैचारिक संदर्भ

बीजेपी नेताओं ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि मौजूदा दौर में भारत सांस्कृतिक और वैचारिक आत्मविश्वास के चरण में है, जिसे कुछ राजनीतिक बयान कमजोर करने की कोशिश करते हैं।

इस संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख Mohan Bhagwat और Swami Vivekananda के विचारों का हवाला देते हुए बीजेपी नेताओं ने हिंदुत्व को व्यापक और समावेशी दर्शन बताया।

अय्यर के बयान की पृष्ठभूमि

मणि शंकर अय्यर ने अपने संबोधन में हिंदुत्व की तुलना भय और असुरक्षा की राजनीति से की थी। उन्होंने कुछ समकालीन घटनाओं का उदाहरण देते हुए अपनी बात रखी, जिसे बीजेपी नेताओं ने तथ्यों से परे और भ्रामक बताया।

इस बयान के बाद कांग्रेस की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह विवाद आने वाले दिनों में और गहराने की संभावना रखता है।

Mani Shankar Aiyar speaking at a public event amid Hindutva remark controversy

राजनीतिक असर और आगे की दिशा

इस विवाद ने एक बार फिर हिंदुत्व और धर्म आधारित राजनीति को लेकर बहस को तेज कर दिया है। बीजेपी इसे कांग्रेस की वैचारिक कमजोरी से जोड़ रही है, वहीं विपक्षी दल इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा बता सकते हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ऐसे बयान चुनावी माहौल में सियासी ध्रुवीकरण को प्रभावित कर सकते हैं, हालांकि इसका तत्काल असर सीमित दायरे में ही दिख रहा है।

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