Manjot Kalra’s petition Reject : 2026 लंका प्रीमियर लीग के दौरान एक बड़ी खबर सामने आई है। जाफना किंग्स के को-ओनर मनजोत कालरा की मुश्किलें कथित मैच फिक्सिंग केस में और बढ़ गई हैं। 27 जुलाई को श्रीलंका की एक कोर्ट ने मनजोत कालरा और एक दूसरे भारतीय नागरिक युवराज पुष्पा की बेल अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि जांच अभी भी चल रही है, और इसलिए, इस समय उन्हें कोई राहत नहीं दी जा सकती। मनजोत कालरा और युवराज पुष्पा ने कोलंबो के चीफ मजिस्ट्रेट असंगा एस. बोदरागामा की कोर्ट में जल्दी बेल मांगी थी। दोनों को 17 जुलाई को गिरफ्तार किया गया और 31 जुलाई तक ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया।
खराब सेहत का हवाला दिया गया। Manjot Kalra’s petition Reject
आरोपियों की तरफ से सीनियर वकील के.डब्ल्यू.एस. फर्नांडो ने कोर्ट में दलील दी कि दोनों की तबीयत ठीक नहीं है और उन्हें बेल मिलनी चाहिए। हालांकि, प्रॉसिक्यूशन ने इसका विरोध करते हुए कहा कि श्रीलंकाई पुलिस की स्पोर्ट्स क्राइम्स की रोकथाम के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट अभी भी केस की जांच कर रही है और इस स्टेज पर बेल देना सही नहीं होगा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, कोर्ट ने ज़मानत की अर्ज़ी खारिज कर दी और ज्यूडिशियल कस्टडी जारी रखने का आदेश दिया।
श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने शिकायत दर्ज कराई। Manjot Kalra’s petition Reject
यह मामला श्रीलंकाई इंटरनेशनल क्रिकेटर भानुका राजपक्षे, अविष्का फर्नांडो और दुनिथ वेलालगे की शिकायत से शुरू हुआ। कोर्ट को यह भी बताया गया कि बाद में दो और लोकल खिलाड़ियों ने भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में मैच फिक्सिंग और करप्ट प्रैक्टिस का आरोप लगाया गया था, जिसकी जांच चल रही है।
यह घटना लंका प्रीमियर लीग के दौरान सामने आई है।
लंका प्रीमियर लीग का 2026 एडिशन 17 जुलाई से 8 अगस्त तक हो रहा है। पांच टीमों की इस T20 लीग में कुल 24 मैच खेले जा रहे हैं। टूर्नामेंट के दौरान मैच फिक्सिंग के आरोप सामने आने से लीग की क्रेडिबिलिटी पर सवाल उठ रहे हैं। अब सबकी नज़रें पुलिस जांच और कोर्ट में अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

