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बाढ़-आपदा से निपटने रीवा संभाग में बड़ी तैयारी, उत्तर-प्रदेश के अधिकारियों से रखा जाएगा संपर्क

रीवा। बारिश शुरू होने के पूर्व रीवा संभाग में बाढ़-आपदा से निपटने के लिए तैयारी शुरू हो गई हैं। रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने सभी कलेक्टर्स को बाढ़ आपदा से निपटने के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर ने कहा है कि अतिवृष्टि और बाढ़ से निपटने के लिए समुचित तैयारी रखें। इस संबंध में मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं करें। सभी जिलों में 15 जून से जिला स्तरीय कंट्रोल रूम आरंभ कर दें। जिले में आपदा प्रबंधन समिति तथा इंसिडेंट रिस्पांस टीम का गठन कर लें। बाढ़ की आपदा से निपटने में सहयोग देने वाले विभिन्न विभागों के साथ बैठक करके आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करें। जिले के बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में नाव, मोटर बोट, रस्सी तैराक तथा बचाव दल की व्यवस्था करें।

इन नदियों पर फोकस

कमिश्नर ने कहा कि जिले में लगातार भारी वर्षा होने पर आसपास के जिलों के कंट्रोल रूम से वर्षा के संबंध में हर घंटे जानकारी प्राप्त करें। सोन, टमस, बिछिया, गोपद बनास, महान, सतना तथा अन्य प्रमुख नदियों के जल स्तर पर भी सतत निगरानी की व्यवस्था कर लें। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर लगाने के लिए सुरक्षित स्थल पर शासकीय भवन अथवा अन्य उपलब्ध भवन का चिन्हांकन कर लें। इसमें बिजली, पानी, पेयजल, शौचालय तथा आवश्यक दवाओं की जरूरत होगी। छोटे-बड़े नालों और नदियों में लगातार वर्षा होने पर यदि किसी पुल के जलमग्न होने की आशंका है तो उसके दोनों ओर बैरियर लगाने और सूचना बोर्ड लगाने की व्यवस्था करें। इन स्थानों में सुरक्षाकर्मी भी तैनात करना आवश्यक होगा। बाणसागर बांध, महान बांध, टमस बैराज जैसे बांधों पर भी निगरानी रखें। इन बांधों के जल स्तर की नियमित सूचना देने के लिए कर्मचारी तैनात कराएं। जिले भर में जर्जर भवनों का चिन्हांकन करा लें। इन जोखिमपूर्ण भवनों में रहने वालों को वैकल्पिक स्थानों में रहने की व्यवस्था कराएं।

कमिश्नर ने कहा कि बाढ़ के बाद पशुओं एवं मानवों में बीमारी फैलने की आशंका रहती है। वर्षा जनित रोगों से बचाव के लिए समुचित व्यवस्था रखें। यदि किसी क्षेत्र में बाढ़ आती है तो वहाँ के निवासियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए वाहन की आवश्यकता होगी। क्षतिग्रस्त पुल और पुलियों की वर्षा शुरू होने से पहले मरम्मत करा लें। जिला कंट्रोल रूम के माध्यम से भारतीय मौसम विभाग के मौसम ऐप, दामिनी ऐप अथवा मेघदूत ऐप के माध्यम से मौसम तथा आगामी 24 घंटों के पूर्वानुमानों की जानकारी लेकर उसे आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंचाने की व्यवस्था करें।

दुरस्थ करें नाला-नाली

सभी आयुक्त नगर निगम शहरी क्षेत्र में अभियान चलाकर नालों और नालियों की साफ-सफाई और सुधार का कार्य कराएं। जल भराव होने पर पानी की निकासी के लिए समुचित व्यवस्था करें। बाढ़ से हुई क्षति का आंकलन करने के लिए फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई जाएगी। बाढ़ तथा मौसम से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाओं के समुचित प्रचार-प्रसार की भी व्यवस्था कराएं। रीवा, सीधी, सतना तथा सिंगरौली जिले के कलेक्टर सीमावर्ती उत्तरप्रदेश के जिलों से संपर्क रखकर बाढ़ से जुड़ी सूचनाओं के आदान-प्रदान की व्यवस्था करें। कमिश्नर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न की आपूर्ति, पशुओं के लिए भूसा-चारे की व्यवस्था, बिजली व्यवस्था बहाल करने तथा पेयजल व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

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