रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में साइबर ठगों का एक नया और दुस्साहसिक कारनामा सामने आया है। इस बार शातिर ठगों ने प्रशासनिक अधिकारी का फर्जी रूप धरकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को अपना शिकार बनाया है। आरोपियों ने खुद को तहसीलदार बताकर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (ANM) और अन्य कर्मचारियों से निजी व विभागीय जानकारियां हासिल कीं और फिर चकमा देकर उनके बैंक खातों से हजारों रुपये पार कर दिए।
झांसे में लेकर ऐंठे रुपये, भवन मरम्मत के नाम पर रचा जाल
पीड़ित एएनएम के अनुसार, ठगों ने उन्हें फोन कर खुद की पहचान प्रशासनिक अधिकारी (तहसीलदार अशोक मीणा) के रूप में दी। आरोपी ने पहले विभागीय जानकारी हासिल की और फिर भरोसा जीतने के लिए कहा कि अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र के भवन की मरम्मत के लिए ₹34,000 की राशि भेजी जानी है। प्रक्रिया की जांच के नाम पर आरोपी ने शुरुआत में केवल ₹10 ट्रांसफर करने को कहा। इसके बाद विभिन्न प्रकार के भुगतानों का झांसा देकर उनसे यूपीआई पिन (PIN) दर्ज करवाया और एएनएम के खाते से लगभग ₹53,000 साफ कर दिए।
कई अन्य कर्मचारी भी बने शिकार
यह ठगी केवल एक एएनएम तक सीमित नहीं रही। विभागीय जानकारी का गलत इस्तेमाल कर ठगों ने अन्य कर्मचारियों को भी निशाना बनाया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इसी तरकीब से विश्व मोहिनी नामदेव के खाते से ₹500 और नरेंद्र वर्मा नामक कर्मचारी के खाते से ₹28,000 की अवैध निकासी कर ली गई। ठगों के इस जाल से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
कलेक्टर कार्यालय पहुँचे पीड़ित, 1930 पर दर्ज कराई शिकायत
घटना के बाद आक्रोशित और परेशान पीड़ित एएनएम व अन्य कर्मचारी सोमवार को एकजुट होकर कलेक्टर कार्यालय पहुँचे। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। इसके साथ ही पीड़ितों ने बताया कि घटना की त्वरित सूचना राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी दर्ज करा दी गई है, ताकि धोखाधड़ी की गई राशि को होल्ड कराया जा सके।

