रीवा/प्रयागराज। पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर शनिवार को माघ मेला 2026 का औपचारिक शुभारंभ हो गया। त्रिवेणी संगम पर आस्था की पवित्र डुबकी लगाने के लिए देशभर से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। 44 दिनों तक चलने वाले इस मेले में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
रीवा रूट पर भारी दबाव
महाकुंभ 2025 के आंकड़ों के आधार पर अनुमान है कि इस बार 2 करोड़ से अधिक श्रद्धालु रीवा होकर प्रयागराज पहुंचेंगे। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले रीवा-प्रयागराज हाईवे पर मेले की शुरुआत के साथ ही वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। नववर्ष से ही यहां आवागमन तेज हो गया था, लेकिन अब प्रयागराज बार्डर के निकट कई किलोमीटर तक जाम जैसी स्थिति बन रही है।
सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत
पिछले कुंभ मेले में लगे लंबे जाम से सबक लेते हुए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारी की है। डायवर्जन प्लान लागू कर दिया गया है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। रीवा संभाग में प्रमुख चौराहों व एंट्री पॉइंट्स पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। भारी वाहनों पर सख्त नियंत्रण है और जरूरत पड़ने पर उन्हें प्रयागराज शहर में प्रवेश से पहले ही डायवर्ट किया जाएगा। हालात पूरी तरह काबू में हैं।
प्रमुख स्नान पर्वों पर रहेगी सबसे अधिक भीड़
मेले में सबसे ज्यादा श्रद्धालु इन तारीखों पर आएंगे
3 जनवरी: पौष पूर्णिमा (शुभारंभ)
15 जनवरी: मकर संक्रांति
18 जनवरी: मौनी अमावस्या
23 जनवरी: बसंत पंचमी
1 फरवरी: माघी पूर्णिमा
15 फरवरी: महाशिवरात्रि (समापन)
इन दिनों 24 घंटे विशेष ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा और डायवर्जन ड्यूटी तीन शिफ्टों में चलेगी।माघ मेला आस्था का महासंगम है, जहां कल्पवास करने वाले श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। प्रशासन की मुस्तैद व्यवस्था से मेले का आयोजन सुचारू रूप से चल रहा है।
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