Madras High Court Udhayanidhi Stalin News: सनातन धर्म को डेंगू-मलेरिया बताने वाले कर्नाटक सीएम एमके स्टालिन (MK Stalin) के बेटे और राज्य के डिप्टी चीफ मिनिस्टर उदयनिधि स्टालिन (Udhayanidhi Stalin) बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं. उनके सनातन धर्म के खिलाफ दिए गए बयान पर मद्रास हाईकोर्ट की टिप्पणी आई है. कोर्ट ने कहा कि कि तमिलनाडु के डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन की सनातन के खिलाफ की गईं बातें हेट स्पीच के दायरे में आती हैं।
मामले की सुनवाई कर रहीं जस्टिस एस श्रीमथी ने कहा कि- स्टालिन की बातों का मतलब नरसंहार और सांस्कृतिक विनाश था. यह सिर्फ राजनीतिक आलोचना नहीं थी। DMK का हिन्दू धर्म का विरोध करने का पुराना इतिहास रहा है.
2023 में उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को डेंगू-मलेरिया बताते हुए कहा था कि सनातन को मिटा देना चाहिए। इस बयान का काफी विरोध हुआ। BJP IT Cell के हेड अमित मालवीय (Amit malviya) ने स्टालिन के भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर डाला।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह बयान देश के 80% सनातन धर्म मानने वालों के खिलाफ है। हालांकि स्टालिन की DMK पार्टी के एक नेता ने उल्टा मालवीय के खिलाफ केस कर दिया। आरोप लगाया कि मालवीय ने स्टालिन के बयान को तोड़-मरोड़ के पेश किया।
मालवीय ने FIRके खिलाफ कोर्ट में याचिका लगाई। तीन साल बाद मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने अब FIR को रद्द कर दिया है। जस्टिस एस. श्रीमथी ने कहा कि मालवीय ने स्टालिन के बयान पर केवल प्रतिक्रिया दी थी। ऐसी प्रतिक्रिया पर केस चलाना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।
स्टालिन के भड़काऊ भाषण को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि- यह दुःख की बात है कि हेट स्पीच देने वाले के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं है जबकि उस हेट स्पीच के खिलाफ अपनी प्रतिक्रिया देने वाले पर FIR दर्ज है. आज की स्थिति ऐसी है कि हेट स्पीच देने वाले बच जाते हैं और सवाल उठाने वाले कानून का सामना करते हैं.
जज ने कहा- सनातन को खत्म करने जैसे शब्दों का अर्थ सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि उसे मानने वालों के अस्तित्व पर सवाल उठाने जैसा है, जो हेट स्पीच की श्रेणी में आता है। स्टालिन का यह बयान नरसंहार या संस्कृतिक नरसंहार का संकेत देता है। तमिल शब्द “Sanathana Ozhippu” का मतलब सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि पूरी तरह मिटाना है।
