भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। मानसून सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए विपक्ष तैयारी में जुटा हुआ है। ज्वंलत मुद्रदों पर विपक्षी विधायक विधानसभा में सरकार को न सिर्फ घेरने का प्रयास करेगे बल्कि वे सवालों की बौक्षार करेगे। ऐसे में विधानसभा हंगामेदार होने के आसार हैं।
ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होकर 24 जुलाई 2026 तक चलेगा। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी इस पांच दिवसीय सत्र के दौरान वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट और समान नागरिक संहिता जैसे कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाने की संभावना है
19 जुलाई को विधायकों की बैठक
विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियों द्वारा अपने-अपने विधायक दल की बैठकें 19 जुलाई को करने जा रही हैं। जिससे विधानसभा में वे सभी मुद्रदों को पूरी मजबूती के साथ रख सके, कांग्रेस आदिवासियों के विस्थापन, जमीन सहित अन्य भ्रष्टाचार के मामलों के साथ कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई जैसे तमाम मुद्दों को उठाएगी, वहीं सत्तारूढ़ दल भाजपा की ओर से भी पलटवार होगा।
यूसीसी पर सरकार का फोकस
सरकार के लिए यह सत्र काफी महत्वपूर्ण है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक का प्रस्तुत किया जाना है, क्योंकि सरकार इसके लिए लेकर पूरी तरह से तैयारी कर रही है। सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति रिपोर्ट के साथ विधेयक का प्रारूप दे चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यूसीसी को अच्छी तरह से तैयार करने के लिए स्वयं समय-समय पर इसमें चर्चा कर रहे है तो वही समिति ने कही मंथन करके अपनी रिर्पोट तैयार कर ली है और सरकार को सौप दिया है। मुख्य सचिव अनुराग जैन को यूसीसी की पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री ने सौपी है।

